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मनमाने ढंग से संचालित निजी अस्पताल का संचालन निरस्त
Updated Fri, 30 Mar 2018 11:03 PM IST
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अंबेडकरनगर। मनमाने ढंग से संचालित हो रहे इल्तिफातगंज के एक निजी अस्पताल का लाइसेंस सीएमओ ने निरस्त कर दिया। साथ ही अस्पताल का संचालन बंद करने का निर्देश दिया। दरअसल गत दिवस इल्तिफातगंज निवासी एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सीएमओ द्वारा कराई गई जांच में मामला सही पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्रवाई हुई।
गत दिवस इल्तिफातगंज निवासी आफताब ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि इल्तिफातगंज स्थित हाजी मेमोरियल सेवा संस्थान जिसकी पंजीयन संख्या 34 है, पूरी तरह मनमाने ढंग से चल रहा है। फर्जी तरीके से विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती दिखाकर लाइसेंस लिया गया है। जिन चिकित्सकों के नाम लिखे हैं, वे वहां रहते ही नहीं। उनमें से कई फर्जी भी हैं। अप्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है, जिससे कई बार असहज स्थिति उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को पूरे मामले की जांच कराए जाने का निर्देश दिया। इस पर सीएमओ ने जांच की जिम्मेदारी जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार गुप्ता को सौंपी।
जांच के बाद डॉ. गुप्ता ने सीएमओ को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि जब वे जांच करने पहुंचे, तो चिकित्सालय प्रशासन द्वारा ओपीडी में देखे मरीजों का रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध कराया गया। न तो आवश्यक छायाप्रति उपलब्ध कराई गई और न ही उस सर्जन को उनके समक्ष उपस्थित कराया गया, जिनके नाम पर अस्पताल का पंजीकरण कराया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने संबंधित अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही अस्पताल का संचालन तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी गई कि यदि जांच में अस्पताल संचालित होता पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. कृष्णगोपाल सिंह ने बताया कि शिकायत सही पाए जाने पर अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।
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हड़बड़ी में की गई कार्रवाई
नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया जा रहा था। कुछ भ्रम के चलते कार्रवाई की गई है, जो जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष समुचित कागजात प्रस्तुत करने पर समाप्त हो जाएगी। यह कार्रवाई हड़बड़ी में की गई है। -डॉ. बेलाल अहमद, अस्पताल संचालक
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गत दिवस इल्तिफातगंज निवासी आफताब ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि इल्तिफातगंज स्थित हाजी मेमोरियल सेवा संस्थान जिसकी पंजीयन संख्या 34 है, पूरी तरह मनमाने ढंग से चल रहा है। फर्जी तरीके से विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती दिखाकर लाइसेंस लिया गया है। जिन चिकित्सकों के नाम लिखे हैं, वे वहां रहते ही नहीं। उनमें से कई फर्जी भी हैं। अप्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है, जिससे कई बार असहज स्थिति उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को पूरे मामले की जांच कराए जाने का निर्देश दिया। इस पर सीएमओ ने जांच की जिम्मेदारी जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार गुप्ता को सौंपी।
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जांच के बाद डॉ. गुप्ता ने सीएमओ को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि जब वे जांच करने पहुंचे, तो चिकित्सालय प्रशासन द्वारा ओपीडी में देखे मरीजों का रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध कराया गया। न तो आवश्यक छायाप्रति उपलब्ध कराई गई और न ही उस सर्जन को उनके समक्ष उपस्थित कराया गया, जिनके नाम पर अस्पताल का पंजीकरण कराया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने संबंधित अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही अस्पताल का संचालन तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी गई कि यदि जांच में अस्पताल संचालित होता पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. कृष्णगोपाल सिंह ने बताया कि शिकायत सही पाए जाने पर अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।
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हड़बड़ी में की गई कार्रवाई
नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया जा रहा था। कुछ भ्रम के चलते कार्रवाई की गई है, जो जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष समुचित कागजात प्रस्तुत करने पर समाप्त हो जाएगी। यह कार्रवाई हड़बड़ी में की गई है। -डॉ. बेलाल अहमद, अस्पताल संचालक