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12 हजार किसानों का नहीं हुआ पौने छह करोड़ रुपये का भुगतान
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:49 PM IST
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अंबेडकरनगर। शासन के तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद जिले के 12 हजार से अधिक गन्ना किसानों का लगभग छह करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। भुगतान के लिए किसान चीनी मिल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसका खामियाजा गन्ना किसानों को भुगतने को मजबूर होना पड़ रहा है। उधर किसानों को समय पर पर्ची भी नहीं मिल रही है। इससे उन्हें क्रेशर पर गन्ना बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गन्ना खरीद के 15 दिन के अंदर भुगतान करने के शासन के निर्देश का पालन अकबरपुर चीनी मिल प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 12 हजार किसानों का लगभग छह करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। चीनी मिल प्रशासन के अनुसार 22 जनवरी तक भुगतान किया जा चुका है। बताते चलें कि गन्ना बोआई के मामले में अंबेडकरनगर जनपद का शुमार प्रदेश के अग्रणी जनपद में माना जाता है। अकबरपुर चीनी मिल के अनुसार जिले में 32 हजार किसानों ने 21 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में गन्ने की बोआई की है। अकबरपुर चीनी मिल को इस बार 85 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य दिया गया था। 24 नवंबर से पेराई का कार्य प्रारंभ हुआ। चीनी मिल प्रशासन के अनुसार अब तक 53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का कार्य हो चुका है।
गन्ना उपप्रबंधक अरविंद सिंह ने बताया कि मार्च के अंत तक पेराई का कार्य चलेगा। अब तक 53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। पेराई सत्र समाप्त होते होते लक्ष्य से अधिक की पेराई कर ली जाएगी। बताया कि एक क्विंटल गन्ने में 4 किग्रा शीरा, साढ़े 4 किग्रा खोई के साथ-साथ प्रतिदिन 18 मेगावाट बिजली पैदा की जाती है। इसमें से 10 मेगावाट बिजली का प्रयोग चीनी मिल में किया जाता है, जबकि 8 मेगावाट बिजली बेची जाती है। श्री सिंह ने बताया कि 22 जनवरी तक की खरीद का भुगतान किया जा चुका है। 12 हजार किसानों का लगभग पौने छह करोड़ का भुगतान शेष है। भुगतान प्रक्रिया चल रही है। पेराई सत्र समाप्त होते-होते सभी किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उधर गन्ना किसानों को समय पर पर्ची भी नहीं मिल रही है। इससे किसानों को मजबूर होकर क्रेशर पर गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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नहीं मिली अब तक पर्ची
अकबरपुर तहसील अंतर्गत बरधाभिउरा निवासी जियाराम वर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुुए कहा कि लगातार चीनी मिल का चक्कर लगाने के बाद भी पर्ची नहीं मिली। इसके चलते मजबूरन उन्हें लगभग डेढ़ सौ क्विंटल पेड़ी गन्ना क्रेशर पर बेचने को मजबूर होना पड़ा। सोनगांव के मंगलवार वर्मा ने कहा कि गन्ना बिक्री किए एक पखवारे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन इसे लेकर अब तक किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया जा सका है। कटरिया के सालिकराम ने कहा कि उन्होंने लगभग 160 क्विंटल गन्ना बिक्री किए 20 दिन से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान में विलंब होने के चलते गत दिवस उन्होंने लगभग 70 क्विंटल गन्ना क्रेशर पर बेचना पड़ा।
शीघ्र होगा भुगतान
किसानों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। समय रहते सभी का भुगतान कर दिया जाएगा। समुचित तरीके से गन्ना किसानों को पर्ची दी जा रही है। -अरविंद सिंह, उप गन्ना प्रबंधक
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गन्ना खरीद के 15 दिन के अंदर भुगतान करने के शासन के निर्देश का पालन अकबरपुर चीनी मिल प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 12 हजार किसानों का लगभग छह करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। चीनी मिल प्रशासन के अनुसार 22 जनवरी तक भुगतान किया जा चुका है। बताते चलें कि गन्ना बोआई के मामले में अंबेडकरनगर जनपद का शुमार प्रदेश के अग्रणी जनपद में माना जाता है। अकबरपुर चीनी मिल के अनुसार जिले में 32 हजार किसानों ने 21 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में गन्ने की बोआई की है। अकबरपुर चीनी मिल को इस बार 85 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य दिया गया था। 24 नवंबर से पेराई का कार्य प्रारंभ हुआ। चीनी मिल प्रशासन के अनुसार अब तक 53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का कार्य हो चुका है।
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गन्ना उपप्रबंधक अरविंद सिंह ने बताया कि मार्च के अंत तक पेराई का कार्य चलेगा। अब तक 53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। पेराई सत्र समाप्त होते होते लक्ष्य से अधिक की पेराई कर ली जाएगी। बताया कि एक क्विंटल गन्ने में 4 किग्रा शीरा, साढ़े 4 किग्रा खोई के साथ-साथ प्रतिदिन 18 मेगावाट बिजली पैदा की जाती है। इसमें से 10 मेगावाट बिजली का प्रयोग चीनी मिल में किया जाता है, जबकि 8 मेगावाट बिजली बेची जाती है। श्री सिंह ने बताया कि 22 जनवरी तक की खरीद का भुगतान किया जा चुका है। 12 हजार किसानों का लगभग पौने छह करोड़ का भुगतान शेष है। भुगतान प्रक्रिया चल रही है। पेराई सत्र समाप्त होते-होते सभी किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उधर गन्ना किसानों को समय पर पर्ची भी नहीं मिल रही है। इससे किसानों को मजबूर होकर क्रेशर पर गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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नहीं मिली अब तक पर्ची
अकबरपुर तहसील अंतर्गत बरधाभिउरा निवासी जियाराम वर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुुए कहा कि लगातार चीनी मिल का चक्कर लगाने के बाद भी पर्ची नहीं मिली। इसके चलते मजबूरन उन्हें लगभग डेढ़ सौ क्विंटल पेड़ी गन्ना क्रेशर पर बेचने को मजबूर होना पड़ा। सोनगांव के मंगलवार वर्मा ने कहा कि गन्ना बिक्री किए एक पखवारे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन इसे लेकर अब तक किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया जा सका है। कटरिया के सालिकराम ने कहा कि उन्होंने लगभग 160 क्विंटल गन्ना बिक्री किए 20 दिन से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान में विलंब होने के चलते गत दिवस उन्होंने लगभग 70 क्विंटल गन्ना क्रेशर पर बेचना पड़ा।
शीघ्र होगा भुगतान
किसानों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। समय रहते सभी का भुगतान कर दिया जाएगा। समुचित तरीके से गन्ना किसानों को पर्ची दी जा रही है। -अरविंद सिंह, उप गन्ना प्रबंधक