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कार्य में लापरवाही पर 92 सचिवों को जारी हुई नोटिस
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:30 PM IST
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शुरू ही नहीं हुआ 4 हजार शौचालयों का निर्माण
अंबेडकरनगर। राष्ट्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रीय स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही बरतने पर 92 ग्राम सचिवों को नोटिस जारी की गई है। वर्ष 2017-18 में 21 हजार 162 शौचालय निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 4 हजार 162 का निर्माण अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है।
जिन 17 हजार शौचालयों का निर्माण हुआ भी है, उसमें 2 हजार शौचालयों के निर्माण की एमआईएस फीडिंग अब तक नहीं हो सकी है। सचिवों को नोटिस जारी कर 15 दिसंबर तक सभी शौचालयों का निर्माण व एमआईएस फीडिंग का कार्य पूरा किए जाने का निर्देश दिया है।
खुले में शौच रोकने व जिले को शौचमुक्त करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत वर्ष 2017-18 में जिले मेें 21 हजार 162 शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया था।
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शौचालय निर्माण में धनराशि बाधक न बने, इसके लिए संबंधित विभाग को 12 हजार रुपये प्रति शौचालय निर्माण की दर से 25 करोड़ 39 लाख 44 हजार रुपये उपलब्ध करा दिए गए। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया गया था।
तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद ग्रामस्तरीय अधिकारियों व ग्राम प्रधानों द्वारा शौचालय निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 208 ग्राम पंचायतों में 4 हजार 162 शौचालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका है।
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अंबेडकरनगर। राष्ट्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रीय स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही बरतने पर 92 ग्राम सचिवों को नोटिस जारी की गई है। वर्ष 2017-18 में 21 हजार 162 शौचालय निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 4 हजार 162 का निर्माण अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है।
जिन 17 हजार शौचालयों का निर्माण हुआ भी है, उसमें 2 हजार शौचालयों के निर्माण की एमआईएस फीडिंग अब तक नहीं हो सकी है। सचिवों को नोटिस जारी कर 15 दिसंबर तक सभी शौचालयों का निर्माण व एमआईएस फीडिंग का कार्य पूरा किए जाने का निर्देश दिया है।
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खुले में शौच रोकने व जिले को शौचमुक्त करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत वर्ष 2017-18 में जिले मेें 21 हजार 162 शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया था।
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शौचालय निर्माण में धनराशि बाधक न बने, इसके लिए संबंधित विभाग को 12 हजार रुपये प्रति शौचालय निर्माण की दर से 25 करोड़ 39 लाख 44 हजार रुपये उपलब्ध करा दिए गए। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया गया था।
तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद ग्रामस्तरीय अधिकारियों व ग्राम प्रधानों द्वारा शौचालय निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 208 ग्राम पंचायतों में 4 हजार 162 शौचालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका है।