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खतरे से 87 सेमी ऊपर पहुंची सरयू, मुश्किल में पड़ा जनजीवन
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:16 AM IST
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खतरे के निशान से 87 सेंमी ऊपर पहुंची सरयू
टांडा/राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी विकराल रूप धरती जा रही है। बुधवार को जलस्तर खतरे के निशान से 87 सेंमी ऊपर पहुंच गया। इससे एक तरफ जहां माझा उलटहवा के 11 पुरवों के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया, वहीं नगर के आधा दर्जन मोहल्लों की गलियों में भी नदी का पानी नालों के जरिये घुसने को बेताब दिखा। डेढ़ दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। इससे एक तरफ जहां संबंधित गांवों के लोगों को आवागमन के लिए नाव का प्रयोग करना पड़ रहा है, वहीं माझा उलटहवा के ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन करने लगे हैं।
गौरतलब है कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार को भी जलस्तर में वृद्धि का दौर जारी रहा। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर लाल निशान 92.730 मीटर के सापेक्ष 93.600 मीटर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान से 87 सेंमी ऊपर था। नदी के बढ़ते खतरनाक तेवर ने निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के सामने भारी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बाढ़ से सबसे अधिक माझा उल्टहवा प्रभावित हुआ है। इसके 11 पुरवों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया है। नतीजतन संबंधित पुरवे के 400 से अधिक घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। इसके चलते ग्रामीण सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे है। इनके सामने एक तरफ जहां खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की चिंता है, वहीं पशुओं के चारे की भी मुश्किल खड़ी हो गई है। इसके साथ ही माझा अवसानपुर, सलारपुर, महरीपुर, फूलपुर, केवटला, पल्टूपीर, इस्माइलपुर, बेलदहा, करमपुर, माझा मुबारकपुर, माझा छज्जापुर समेत लगभग डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का प्रयोग करना पड़ रहा है। इसके अलावा नाले के माध्यम से बाढ़ का पानी नगर के आधा दर्जन मोहल्ले तलवापार, कश्मीरिया नई बस्ती, नेहरूनगर, राजघाट, मुबारकपुर की गलियों में पहुंचने के लिए बेताब है। उम्मीद की जा रही है कि यदि इसी तरह जलस्तर में वृद्धि होती रही तो गुरुवार सुबह तक गलियों में पानी पहुंच जाएगा। उधर राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर बढ़ने से लोनिया का पूरा, अराजी देवरा, पटपरवा, हंसू का पूरा, सत्यनरायन का पूरा, बद्री का पूरा के निकट बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों के सामने विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
बुधवार को बाढ़ का जायजा लेने के लिए आयुक्त फैजाबाद मंडल मनोज मिश्र ने डीएम अखिलेश सिंह व एसपी सुधीर सिंह के साथ टांडा का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें भेजकर आवश्यक दवाओं के वितरण किए जाने का भी निर्देश दिया। आयुक्त ने जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ कलवारी पुल पहुंचकर बाढ़ का जायजा लेने के साथ ही आलापुर तहसील पहुंचकर भी बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
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टांडा/राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी विकराल रूप धरती जा रही है। बुधवार को जलस्तर खतरे के निशान से 87 सेंमी ऊपर पहुंच गया। इससे एक तरफ जहां माझा उलटहवा के 11 पुरवों के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया, वहीं नगर के आधा दर्जन मोहल्लों की गलियों में भी नदी का पानी नालों के जरिये घुसने को बेताब दिखा। डेढ़ दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। इससे एक तरफ जहां संबंधित गांवों के लोगों को आवागमन के लिए नाव का प्रयोग करना पड़ रहा है, वहीं माझा उलटहवा के ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन करने लगे हैं।
गौरतलब है कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार को भी जलस्तर में वृद्धि का दौर जारी रहा। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर लाल निशान 92.730 मीटर के सापेक्ष 93.600 मीटर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान से 87 सेंमी ऊपर था। नदी के बढ़ते खतरनाक तेवर ने निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के सामने भारी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बाढ़ से सबसे अधिक माझा उल्टहवा प्रभावित हुआ है। इसके 11 पुरवों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया है। नतीजतन संबंधित पुरवे के 400 से अधिक घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। इसके चलते ग्रामीण सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे है। इनके सामने एक तरफ जहां खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की चिंता है, वहीं पशुओं के चारे की भी मुश्किल खड़ी हो गई है। इसके साथ ही माझा अवसानपुर, सलारपुर, महरीपुर, फूलपुर, केवटला, पल्टूपीर, इस्माइलपुर, बेलदहा, करमपुर, माझा मुबारकपुर, माझा छज्जापुर समेत लगभग डेढ़ दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का प्रयोग करना पड़ रहा है। इसके अलावा नाले के माध्यम से बाढ़ का पानी नगर के आधा दर्जन मोहल्ले तलवापार, कश्मीरिया नई बस्ती, नेहरूनगर, राजघाट, मुबारकपुर की गलियों में पहुंचने के लिए बेताब है। उम्मीद की जा रही है कि यदि इसी तरह जलस्तर में वृद्धि होती रही तो गुरुवार सुबह तक गलियों में पानी पहुंच जाएगा। उधर राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर बढ़ने से लोनिया का पूरा, अराजी देवरा, पटपरवा, हंसू का पूरा, सत्यनरायन का पूरा, बद्री का पूरा के निकट बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों के सामने विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
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बुधवार को बाढ़ का जायजा लेने के लिए आयुक्त फैजाबाद मंडल मनोज मिश्र ने डीएम अखिलेश सिंह व एसपी सुधीर सिंह के साथ टांडा का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें भेजकर आवश्यक दवाओं के वितरण किए जाने का भी निर्देश दिया। आयुक्त ने जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ कलवारी पुल पहुंचकर बाढ़ का जायजा लेने के साथ ही आलापुर तहसील पहुंचकर भी बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
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