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सरकार से नए कानून की मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने दिया धरना
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:47 PM IST
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शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना
अंबेडकरनगर। सर्वोच्च न्यायालय से आए फैसले के बाद बुधवार को कलेक्ट्रेट पर एकजुट शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन कर सरकार से संसद में कानून बनाकर शिक्षामित्रों को टीईटी से मुक्त करने की मांग की। कहा कि शिक्षामित्रों को सरकार पर पूरा भरोसा है। ऐसे में सरकार शिक्षामित्रों का समायोजन जल्द बहाल कराने में मदद करे। बाद में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष केके दुबे के आह्वान पर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में शिक्षामित्र जुटे। कहा कि सरकार को शिक्षामित्रों की स्थिति समझते हुए आगे आना चाहिए। शिक्षामित्रों को सरकार पर पूरा भरोसा है। सरकार को संसद में कानून बनाकर बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में संशोधन करना चाहिए। कहा कि ऐसा कर सरकार शिक्षामित्रों को टीईटी से मुक्त कर सकती है। इससे ही शिक्षामित्रों का समायोजन आसान होगा। कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से न सिर्फ शिक्षामित्र प्रभावित हुए हैं बल्कि उनका पूरा परिवार प्रभावित हो रहा है। इससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। बाद में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर दीपिका त्रिपाठी, अरुण यादव, राज कुमार, अखिलेश तिवारी, नीति श्रीवास्तव, लवकुश शुक्ल, कंचन सिंह, संदीप कुमार, गिरीश पांडेय, मालती व डीएन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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अंबेडकरनगर। सर्वोच्च न्यायालय से आए फैसले के बाद बुधवार को कलेक्ट्रेट पर एकजुट शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन कर सरकार से संसद में कानून बनाकर शिक्षामित्रों को टीईटी से मुक्त करने की मांग की। कहा कि शिक्षामित्रों को सरकार पर पूरा भरोसा है। ऐसे में सरकार शिक्षामित्रों का समायोजन जल्द बहाल कराने में मदद करे। बाद में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष केके दुबे के आह्वान पर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में शिक्षामित्र जुटे। कहा कि सरकार को शिक्षामित्रों की स्थिति समझते हुए आगे आना चाहिए। शिक्षामित्रों को सरकार पर पूरा भरोसा है। सरकार को संसद में कानून बनाकर बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में संशोधन करना चाहिए। कहा कि ऐसा कर सरकार शिक्षामित्रों को टीईटी से मुक्त कर सकती है। इससे ही शिक्षामित्रों का समायोजन आसान होगा। कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से न सिर्फ शिक्षामित्र प्रभावित हुए हैं बल्कि उनका पूरा परिवार प्रभावित हो रहा है। इससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। बाद में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर दीपिका त्रिपाठी, अरुण यादव, राज कुमार, अखिलेश तिवारी, नीति श्रीवास्तव, लवकुश शुक्ल, कंचन सिंह, संदीप कुमार, गिरीश पांडेय, मालती व डीएन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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