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हत्यारोपी की जमानत अर्जी हुई खारिज
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:03 PM IST
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हत्या आरोपी की जमानत अर्जी हुई खारिज
अंबेडकरनगर। हत्या के एक मामले में आरोपी की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के भारीडीहा गांव निवासी दिलीप वर्मा ने इब्राहिमपुर थाने में वर्ष 2012 में दर्ज कराए केस के जरिये कहा था कि उसका भाई गंगासागर वर्मा ट्यूशन पढ़ाकर रात 8 बजे घर आया, तभी उसे दावत के लिए बुलाकर कुछ लोग साथ ले गए। रात 11 बजे उसका भाई चीखता-चिल्लाता घर की तरफ दौड़ता हुआ आया। उसका पूरा शरीर जल रहा था। उसने बताया कि प्रधान राजेंद्र वर्मा, दिवाकर वर्मा व अन्य ने मिट्टी का तेल छिड़कर उसे जला दिया। गंभीर दशा में उसे पहले फैजाबाद फिर लखनऊ ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसी मामले में आरोपी दिवाकर वर्मा ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया। आरोपी ने मामले को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि पंचायतनामा में पंचों ने दीपक से लगी आग से हुई दुर्घटना बताया है। इसके अलावा वादी के घर से उसका घर एक किमी दूर है। अभियोजन पक्ष ने आरोपी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जमानत न दिए जाने का अनुरोध किया। जनपद न्यायाधीश नवीन श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। ब्यूरो
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अंबेडकरनगर। हत्या के एक मामले में आरोपी की जमानत अर्जी जनपद न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के भारीडीहा गांव निवासी दिलीप वर्मा ने इब्राहिमपुर थाने में वर्ष 2012 में दर्ज कराए केस के जरिये कहा था कि उसका भाई गंगासागर वर्मा ट्यूशन पढ़ाकर रात 8 बजे घर आया, तभी उसे दावत के लिए बुलाकर कुछ लोग साथ ले गए। रात 11 बजे उसका भाई चीखता-चिल्लाता घर की तरफ दौड़ता हुआ आया। उसका पूरा शरीर जल रहा था। उसने बताया कि प्रधान राजेंद्र वर्मा, दिवाकर वर्मा व अन्य ने मिट्टी का तेल छिड़कर उसे जला दिया। गंभीर दशा में उसे पहले फैजाबाद फिर लखनऊ ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसी मामले में आरोपी दिवाकर वर्मा ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया। आरोपी ने मामले को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि पंचायतनामा में पंचों ने दीपक से लगी आग से हुई दुर्घटना बताया है। इसके अलावा वादी के घर से उसका घर एक किमी दूर है। अभियोजन पक्ष ने आरोपी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जमानत न दिए जाने का अनुरोध किया। जनपद न्यायाधीश नवीन श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। ब्यूरो