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प्रेम की पराकाष्ठा हैं योगेश्वर श्रीकृष्ण
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 28 Sep 2015 01:54 AM IST
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इलाहाबाद। सैनिक कॉलोनी सुलेमसराय स्थित आनंद योग आश्रम में रविवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं सत्संग समारोह में कृष्ण के बाल रूप से लेकर योगेश्वर स्वरूप तक की विस्तार से सारगर्भित चर्चा की गई। बतौर मुख्य अतिथि सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, योग सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने का नाम नहीं बल्कि जीवन की समस्त शक्तियों और ऊर्जा को संचित करनेका नाम है। उन्होंने योगगुरु दिवाकर के प्रयासों की सराहना भी की।
आश्रम के संस्थापक योगगुरु दिवाकर ने कहा, श्रीकृष्ण का योगेश्वर स्वरूप प्रेम की पराकाष्ठा और जीवन की सभी घटनाओं का मूल हैं। सरस्वती वंदना से शुरुआत के बाद जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की विविधतापूर्ण लीलाओं पर आधारित भजन-कीर्तन सुनाए। इसी क्रम में आश्रम की स्थापना की महत्वपूर्ण सहयोगी वसुंधरा को भी याद किया गया। कार्यक्रम का संचालन सृष्टि कुशवाहा और धन्यवाद ज्ञापन मीनाक्षी कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में सतीश केसरवानी, मुन्नन चौरसिया, कुलदीप मिश्रा, रोहित केसरवानी आदि उपस्थित रहे।
बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन, इलाहाबाद दुर्गा पूजा समिति और प्रशासन के साथ सोमवार को होने वाली बैठक में हिस्सा नही लेगा। एसोसिएशन के महासचिव पीके राय ने मुताबिक अब तक डीएम कार्यालय से इसकी कोई लिखित सूचना नहीं मिली है। वहीं संस्था की ओर से जनहित याचिका दाखिल की जा चुकी है जिसकी सुनवाई के दौरान न्यायालय ने डीएम इलाहाबाद को विसर्जन से जुड़े सभी तैयारियों का लेखाजोखा प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
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पितृपक्ष के उपलक्ष्य में पं. देवीदत्त शुक्ल, पं. रमादत्त शुक्ल शोध संस्थान की ओर से नागवासुकि मंदिर के समीप स्थित भीष्म पितामह के प्रतिमा स्थल पर सोमवार को सामूहिक श्रद्धासुमन समर्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का आयोजन होगा। संयोजक ऋतुशील शर्मा ने सभी के दीप जलाकर पितरों को याद करने का आह्वान किया है।
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आश्रम के संस्थापक योगगुरु दिवाकर ने कहा, श्रीकृष्ण का योगेश्वर स्वरूप प्रेम की पराकाष्ठा और जीवन की सभी घटनाओं का मूल हैं। सरस्वती वंदना से शुरुआत के बाद जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की विविधतापूर्ण लीलाओं पर आधारित भजन-कीर्तन सुनाए। इसी क्रम में आश्रम की स्थापना की महत्वपूर्ण सहयोगी वसुंधरा को भी याद किया गया। कार्यक्रम का संचालन सृष्टि कुशवाहा और धन्यवाद ज्ञापन मीनाक्षी कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में सतीश केसरवानी, मुन्नन चौरसिया, कुलदीप मिश्रा, रोहित केसरवानी आदि उपस्थित रहे।
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बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन, इलाहाबाद दुर्गा पूजा समिति और प्रशासन के साथ सोमवार को होने वाली बैठक में हिस्सा नही लेगा। एसोसिएशन के महासचिव पीके राय ने मुताबिक अब तक डीएम कार्यालय से इसकी कोई लिखित सूचना नहीं मिली है। वहीं संस्था की ओर से जनहित याचिका दाखिल की जा चुकी है जिसकी सुनवाई के दौरान न्यायालय ने डीएम इलाहाबाद को विसर्जन से जुड़े सभी तैयारियों का लेखाजोखा प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
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पितृपक्ष के उपलक्ष्य में पं. देवीदत्त शुक्ल, पं. रमादत्त शुक्ल शोध संस्थान की ओर से नागवासुकि मंदिर के समीप स्थित भीष्म पितामह के प्रतिमा स्थल पर सोमवार को सामूहिक श्रद्धासुमन समर्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का आयोजन होगा। संयोजक ऋतुशील शर्मा ने सभी के दीप जलाकर पितरों को याद करने का आह्वान किया है।