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गजब : बगैर टीका लगे ही मिल गया सर्टिफिकेट
Tue, 11 May 2021 01:05 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 11 May 2021 01:05 AM IST
सार
- कागज पर ही पूरी कर ली जा रही है टीका लगाने की प्रक्रिया
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prayagraj news : मेडिकल कॉलेज में टीकाकरण कराने के बाद प्रमाण पत्र दिखातीं युवतियां।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
कोरोना टीकाकरण के दौरान जहां वैक्सीन की कमी की वजह से अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है, वहीं कागज पर ही टीका लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जा रही है। चाहे 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के हों या फिर इससे अधिक उम्र के बड़े-बुजुर्ग। टीका उत्सव के बीच पंजीकरण कराने के बाद शहर के कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें वैक्सीन की डोज दिए बिना ही टीका लगवाने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। ऐसे लोगों ने कोविड पोर्टल से लेकर वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी संभालने वाले अफसरों तक से शिकायत की है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
शहर में ऐसे दर्जनों लोग हैं जिन्हें वैक्सीन लगी ही नहीं, लेकिन उन्हें टीकाकरण कराने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। सुलेमसराय की सैनिक कॉलोनी निवासी अमित वर्मा ने टीकाकरण के लिए चार मई को पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। छह मई को बेली हॉस्पिटल में दोपहर एक से तीन बजे के बीच उनको वैक्सीन की डोज लगाने के लिए शेड्यूल निर्धारित किया गया। इस बीच अमित जरूरी काम से कहीं और जाने की वजह से निर्धारित समय पर वैक्सीन की डोज लेने के लिए अस्पताल नहीं पहुंच सके। अमित के पैर के नीचे से जमीन तब खिसक गई, जब उसी दिन शाम को उनके मोबाइल पर टीकाकरण सफल होने का संदेश आ गया। कुछ देर बाद ही उनको टीकाकरण कराने का सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया। अब वह बिना वैक्सीन लगवाए सर्टिफिकेट लिए घूम रहे हैं।
इसी तरह मुट्ठीगंज, कटघर रोड निवासी अमित केसरवानी ने अपने माता-पिता के टीकाकरण के लिए छह मई को पंजीयन कराया था। आठ मई की शाम तीन से छह बजे के बीच उनके पिता रामलालू केसरवानी (58) और मां सावित्री देवी (56) को टीकाकरण कराने के लिए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज बुलाया गया। रामलालू और सावित्री दोनों टीका लगवाने जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां वैक्सीन खत्म होने की बात कहकर उनको वापस कर दिया गया। रामलालू के मुताबिक, कहा गया कि जितनी वैक्सीन थी, सब सेना के जवानों को लगा दी गई। अब आप दूसरे दिन आइए। दूसरे दिन वहां जाने पर उनको बताया गया कि उन्हें वैक्सीन लग चुकी है, तो वह हैरान रह गए। रामलालू और सावित्री दोनों को टीकाकरण कराने का सर्टिफिकेट भी मिल गया। सोमवार को ऐसे कई लोगों ने जिला प्रतिरक्षाकरण अधिकारी डॉ.तीरथ लाल से शिकायत की लेकिन, उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि इस मामले में फिलहाल वह कुछ नहीं कर सकते।
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वैक्सीन की डोज लगने से पहले ही सर्टिफिकेट जारी होने की शिकायतें मिली हैं। इस प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। यह पोर्टल की गड़बड़ी से हो सकता है। ऐसा कैसे हुआ, इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल इसका उपाय यही है कि जिनके साथ ऐसा हुआ है, वह दूसरी आईडी से फिर अपनी बुकिंग करा लें, ताकि उन्हें टीका लग सके। डॉ.तीरथ लाल, जिला प्रतिरक्षाकरण अधिकारी, प्रयागराज
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शहर में ऐसे दर्जनों लोग हैं जिन्हें वैक्सीन लगी ही नहीं, लेकिन उन्हें टीकाकरण कराने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। सुलेमसराय की सैनिक कॉलोनी निवासी अमित वर्मा ने टीकाकरण के लिए चार मई को पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। छह मई को बेली हॉस्पिटल में दोपहर एक से तीन बजे के बीच उनको वैक्सीन की डोज लगाने के लिए शेड्यूल निर्धारित किया गया। इस बीच अमित जरूरी काम से कहीं और जाने की वजह से निर्धारित समय पर वैक्सीन की डोज लेने के लिए अस्पताल नहीं पहुंच सके। अमित के पैर के नीचे से जमीन तब खिसक गई, जब उसी दिन शाम को उनके मोबाइल पर टीकाकरण सफल होने का संदेश आ गया। कुछ देर बाद ही उनको टीकाकरण कराने का सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया। अब वह बिना वैक्सीन लगवाए सर्टिफिकेट लिए घूम रहे हैं।
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इसी तरह मुट्ठीगंज, कटघर रोड निवासी अमित केसरवानी ने अपने माता-पिता के टीकाकरण के लिए छह मई को पंजीयन कराया था। आठ मई की शाम तीन से छह बजे के बीच उनके पिता रामलालू केसरवानी (58) और मां सावित्री देवी (56) को टीकाकरण कराने के लिए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज बुलाया गया। रामलालू और सावित्री दोनों टीका लगवाने जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां वैक्सीन खत्म होने की बात कहकर उनको वापस कर दिया गया। रामलालू के मुताबिक, कहा गया कि जितनी वैक्सीन थी, सब सेना के जवानों को लगा दी गई। अब आप दूसरे दिन आइए। दूसरे दिन वहां जाने पर उनको बताया गया कि उन्हें वैक्सीन लग चुकी है, तो वह हैरान रह गए। रामलालू और सावित्री दोनों को टीकाकरण कराने का सर्टिफिकेट भी मिल गया। सोमवार को ऐसे कई लोगों ने जिला प्रतिरक्षाकरण अधिकारी डॉ.तीरथ लाल से शिकायत की लेकिन, उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना था कि इस मामले में फिलहाल वह कुछ नहीं कर सकते।
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वैक्सीन की डोज लगने से पहले ही सर्टिफिकेट जारी होने की शिकायतें मिली हैं। इस प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। यह पोर्टल की गड़बड़ी से हो सकता है। ऐसा कैसे हुआ, इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल इसका उपाय यही है कि जिनके साथ ऐसा हुआ है, वह दूसरी आईडी से फिर अपनी बुकिंग करा लें, ताकि उन्हें टीका लग सके। डॉ.तीरथ लाल, जिला प्रतिरक्षाकरण अधिकारी, प्रयागराज