Prayagraj : चापड़ से हमलाकर महिला की नाक काटी, छेड़छाड़ के केस में सुलह न करने पर वारदात
शिवकुटी मुहल्ले की रहने वाली एक महिला पर मुहल्ले के ही कुछ युवकों ने चापड़ से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शोरगुल सुनकर आरोपी भाग खड़े हुए। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे एसआरएन में भर्ती कराया।
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शिवकुटी में छेड़छाड़ के केस में सुलह न करने पर मारपीट के बाद 30 वर्षीय महिला पर चापड़ से हमला किया गया। इसमें उसकी नाक कट गई। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पति ने पड़ोसी सेवानिवृत्त दीवान व उसके दो बेटों समेत पांच पर केस दर्ज कराया है। पीड़िता परिवार के साथ शिवकुटी के नया पुरवा में रहती है। पति ने बताया कि शनिवार सुबह 11.30 बजे उसकी पत्नी खाना बना रही थी। आरोप है कि इसी दौरान मनीष सोनकर, अपने भाई मयंक, पिता रिटायर दीवान दीपचंद व जयराम व सोनम के साथ घर में घुस आया।
मयंक चापड़, दीपचंद ने तमंचा, मनीष ने सरिया व जयराम व सोनम हाथ में डंडा लिए हुए थे। उन्होंने पूर्व में दर्ज मुकदमे में सुलह करने को कहा। विरोध करने पर पत्नी पर हमला बोल दिया। इस दौरान उसका सिर फूट गया और चापड़ से हमले में उसकी नाक कट गई। लहूलुहान होकर वह चीखने लगी तो आसपास के लोग दौड़े। जिस पर आरोपी धमकाते हुए भाग निकले। सूचना पर पहले 112 और फिर शिवकुटी पुलिस पहुंच गई। महिला को पहले बेली और फिर एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। शिवकुटी एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
मई में हुई थी घटना, पिता व दो पुत्र थे नामजद
पीड़िता के पति ने बताया कि 15 मई को आरोपी मनीष ने घर में अकेला पाकर उसकी पत्नी से अश्लील हरकत की थी। शिकायत पर रात में आठ बजे मनीष, अपने भाई मयंक व पिता दीपचंद के साथ घर में घुस आया और उसे व उसकी पत्नी और भतीजी को जमकर पीटा था। इस मामले में तीनों पर केस दर्ज हुआ था। इसी मुकदमे में सुलह का दबाव बनाया जा रहा था।
प्राणघातक हमले में भी हैं नामजद
महिला पर हमले के चारों आरोपी प्राणघातक हमले में भी नामजद हैं। 16 सितंबर को यह घटना हुई थी। आरोप है कि उन्होंने जीतेंद्र कुमार सोनकर व उसकी बेटी दीपाली को लाठी-डंडे, लोहे की रॉड व धारदार हथियार से हमला किया था। इसमें उनका सिर फूटने के साथ ही हाथ भी टूट गया था। इसमें पत्नी रेनू ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
शिवकुटी पुलिस पर गंभीर आरोप
एसआरएन अस्पताल में परिजनों व रिश्तेदारों ने शिवकुटी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि आरोपी मोहल्ले में दबंगई करते फिरते हैं। पूर्व में आपराधिक मामलों में नामजद हैं। इसके बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। मई में हुई घटना में मुकदमा लिखने के बावजूद कार्रवाई नहीं की। जबकि सितंबर में हुई घटना में भी केवल एक आरोपी को जेल भेजा। यही वजह थी के आरोपियों का दुस्साहस बढ़ता रहा।