एनसीआर रेलवे : भारी भरकम बक्सों से मिलेगी निजात, ट्रेन मैनेजर को मिलेगा ट्राली बैग
इसी वजह से पुराने बक्सों की जगह रेलवे ने ट्रेन मैनेजर को ट्राली बैग देने की तैयारी की है। इसकी शुरूआत उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने की है। लखनऊ मंडल द्वारा पहले चरण में कुल 562 ट्रॉली बैग ट्रेन मैनेजर को उपलब्ध करवाए गए हैं।
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रेलवे के गार्ड जिन्हें अब ट्रेन मैनेजर कहा जाता है, उन्हें अब भारी भरकम बक्सों से निजात मिलेगी। उसके स्थान पर उन्हें रेलवे ट्राली बैग मुहैया करवाएगा। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इसकी शुरूआत भी कर दी है। अब उत्तर मध्य रेलवे जोन प्रयागराज भी अपने ट्रेन मैनेजरों को शीघ्र ही ट्राली बैग उपलब्ध करवाएगा। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन की बात करें तो यहां ट्रेन मैनेजर के तकरीबन 3700 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान समय प्रयागराज, आगरा एवं झांसी मंडल में तकरीबन दो हजार ट्रेन मैनेजर कार्यरत है। अभी ड्यूटी के दौरान गार्ड को भारी भरकम बक्सा दिया जाता है। इससे तमाम गार्डों को असुविधा भी होती है। उसी बक्से में ट्रेन परिचालन से जुड़े तमाम उपकरण होते हैं।
इसी वजह से पुराने बक्सों की जगह रेलवे ने ट्रेन मैनेजर को ट्राली बैग देने की तैयारी की है। इसकी शुरूआत उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने की है। लखनऊ मंडल द्वारा पहले चरण में कुल 562 ट्रॉली बैग ट्रेन मैनेजर को उपलब्ध करवाए गए हैं। अब इसी तरह के ट्राली बैग एनसीआर के तीनों मंडलों में कार्यरत ट्रेन मैनेजर को मुहैया कराए जाएंगे। यहां पहले चरण में यात्री ट्रेनों के ट्रेन मैनेजर को ट्राली बैग उपलब्ध करवाएं जाएंगे। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि यहां ट्राली बैग को लेकर मंथन चल रहा है। यहां भी यथा शीघ्र ट्रेन मैनेजर को ट्राली बैग उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
आसानी से कहीं भी ले जाया सकेगा ट्राली बैग
अभी ट्रेन मैनेजर को सफर के दौरान बक्सा रखना पड़ता है। सामान आदि के साथ इसका वजन 12 से 15 किलो रहता है। इस वजह से ग्रुप डी स्टाफ ही बक्सा ट्रेन मैनेजर तक पहुंचाते हैं। उसे चढ़ाने एवं उतारने का भी काम उन्हीं का है, लेकिन ट्राली बैग आने के बाद ट्रेन मैनेजर को उन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा आइटम को कम किए बिना 6.2 किलोग्राम वजन वाले हल्के एवं आसानी से चलायमान ट्रॉली बैग का प्रयोग होगा। इसमें एक एचएस लैंप, 2 लाल और 1 हरा झंडा, एक टेल लैंप, एलवी बोर्ड, मैन्युअल, जीएंडएसआर.,वर्किंग टाइम टेबल, वॉकी-टॉकी, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, 10 डेटोनेटर, ताला-चाभी, फ्लेशर टॉर्च , सीटी, री-सेटिंग चाभी, एसएलआर के गार्ड के डिब्बे को खोलने और बंद करने के लिए सार्वभौमिक कुंजी, झंडे के लिए दो प्लास्टिक की छड़ें, एक प्लास्टिक फोल्डर, गार्ड सर्टिफिकेट और शिकायत पुस्तिका रहेगी
यूनियन कर रही है ट्रॉली बैग का विरोध
ट्राली बैग का रेलवे यूनियन विरोध कर रही है। इस बारे में नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री आरडी यादव का कहना है कि रनिंग स्टाफ को दिए जाने वाले सामान में तकरीबन 10 पटाखे, 80 गाम विस्फोटक होता है। किसी अनहोनी पर उसका उपयोग होता है। उसे ट्राली बैग में रखकर ड्यूटी करना एवं उसके बाद घर ले जाना न कर्मचारी के लिए सही है और न ही उसके परिवार के लिए।
ट्रेन मैनेजर एक अपना बैग भी ड्यूटी पर लेकर आते हैं। उसमें राशन, एक जोड़ी कपड़ा, अगर जाड़ा है तो गर्म कोट, बारिश में रेनकोट आदि रहता है, जो ट्राली बैग में रखकर चलना संभव नहीं है। मालगाड़ी में गार्ड सीट न होने पर उसी पर बैठकर उन्हें काम करना पड़ता है। यात्री ट्रेन में टेबल न होने के कारण ट्रेन मैनेजर अपने बॉक्स का ही इस्तेमाल करते हैं। भारी होने की वजह से बक्से चोरी नहीं होता, जबकि ट्राली बैग हल्का होने की वजह से चोरी भी हो सकता है।