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तेंदुए की दहाड़ से ठंड में छूटा ग्रामीणों का पसीना

Sat, 28 Dec 2019 02:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2019 02:22 AM IST
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wild life
फतेहगंज पश्चिमी के कुरतरा में तेंदुए के पंजे के निशान ग्रामीणों ने देखे, मची दहशत
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फतेहगंज पश्चिमी। कुरतरा गांव में गुरुवार रात तेंदुए की दहाड़ से भीषण ठंड में भी ग्रामीणों का पसीना छूट गया। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने तेंदुए के पगह्नि देखे तो दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
गुरुवार देर रात गांव के बबलू दिवाकर अपने खेत पर गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे थे। उन्होंने बताया कुछ देर खेत के चारों ओर टहलने के बाद वह करीब 12 बजे खेत पर बनी झोपड़ी में जाकर लेट गए, तभी उन्हें तेंदुए की दहाड़ सुनाई दी। मारे डर के वह चारपाई के नीचे छिपकर बैठ गए। कुछ देर बाद ही तेंदुआ उनकी झोपड़ी के पास से गुजरा तो उसे देख उन्हें पसीना आ गया। जब तेंदुआ की आहट सुनाई देनी बंद हो गई तो वह झोपड़ी से बहार निकले और गांव की तरफ दौड़ लगा दी।
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शुक्रवार सुबह उन्होंने अमरनाथ कश्यप, दाताराम, दिवाकर आदि ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी तो सभी इकट्ठे होकर खेत पर पहुंचे। तब माखन लाल के खेत में तेंदुए के पगचिह्न मिले। गांव वालों ने कुछ दूर तक पग चिह्न देखने के बाद अंदाजा लगाया कि तेंदुआ शाही की ओर से रबर फैक्टरी की तरफ गया है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि सुबह वन विभाग की टीम को सूचना दी गई लेकिन शाम तक कोई नहीं पहुंचा। वहीं तेंदुए की गांव के आसपास चहलकदमी से दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने खेतों की ओर अकेले जाना बंद कर दिया है। शुक्रवार को दिन भर बच्चे और महिलाएं भी घरों में ही रहीं। इस संबंध में रेंजर आरपी रौतेला को फोन किया गया लेकिन स्विच ऑफ मिला। यहां बता दें कि बंद रबर फैक्टरी में कुछ साल पहले एक बाघ भी पकड़ा जा चुका है।
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ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी तेंदुए की गांव के आसपास चहलकदमी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही वन विभाग ने बाघ आने के दौरान किया था। कई दिन तक तो वन विभाग के लोग बाघ की चहलकदमी को ही नकारते रहे थे, लेकिन जब बाघ ने कुछ लोगों पर हमला किया तब कहीं उसे पकड़ने की योजना बनाई गई। गांव वालों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते तेंदुए को नहीं पकड़ा तो वह खेतों पर काम करने वाले लोगों को शिकार बना सकता है।

इन तारीखों में भी दिखा तेंदुआ
कुरतरा गांव में 14 और 25 जुलाई और 18 सितंबर
रबर फैक्टरी में 17 जुलाई से 10 अगस्त तक
मीरगंज के गोरा हेमराजपुर खाद में 30 नंवबर, एक दिसंबर
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