Prayagraj : शेयर बाजार में निवेश के नाम पर सैन्यकर्मी की पत्नी से 50 लाख की ठगी, छानबीन में जुटी पुलिस
एप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर सैन्यकर्मी की पत्नी से 50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले शेयर बाजार की पढ़ाई को लेकर उन्हें व्हॉट्सएप ग्रुप पर जोड़ा और फिर एप डाउनलोड कराकर रकम निवेश करवा ली।
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एप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर सैन्यकर्मी की पत्नी से 50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले शेयर बाजार की पढ़ाई को लेकर उन्हें व्हॉट्सएप ग्रुप पर जोड़ा और फिर एप डाउनलोड कराकर रकम निवेश करवा ली। साइबर थाना पुलिस ने ठगों पर केस दर्ज कर लिया है।
ट्रांसपोर्ट नगर निवासी सैन्यकर्मी की पत्नी ने साइबर पुलिस को बताया कि नवंबर-2024 में उन्हें व्हॉट्सएप ग्रुप (एफ-वन इंडिया चीफ वेल्थ प्लानर) पर जोड़ा गया। इसमें शेयर बाजार की पढ़ाई के साथ-साथ निवेश के बारे में जानकारियां दी जाती थीं। इस ग्रुप में शामिल कृष्णा अय्यर नाम के शख्स ने खुद को एंजल वन का गैर-कार्यकारी निदेशक बताकर कहा कि उनकी सहायक मिनी नायर हैं। आरोप है कि मिनी ने निवेश योजना को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि प्रतिभागी ब्लॉक ट्रेडिंग में भाग ले सकते हैं। लेकिन, इसके लिए ब्रोकर खाता खोलने की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद खाता खोलने और निवेश प्रक्रिया को लेकर एक एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करवाया।
कहा कि इस सर्विस को आगे बढ़ाने के लिए टॉप-अप करना होगा। एप के माध्यम से कस्टमर सर्विस मैनेजर अजीत के संपर्क में थी। फंड ट्रांसफर और वॉलेट टॉप-अप करने के लिए अजीत ने कई बैंकों का खाता दिया। पहले एक लाख रुपये और फिर अलग-अलग खाते में कुल 50 लाख रुपये निवेश कर दिया। यूपी पुलिस के साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया कि निवेश के नाम पर आए दिन लोगों को ठगा जा रहा है। ठग कम रकम में ज्यादा पैसा बनाने का लालच देते हैंं, लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो ठगी से बचा जा सकता है।
कमीशन शुल्क का करना होगा भुगतान
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब अपने रुपये को निकालने का प्रयास किया तो कहा गया कि पहले कमीशन शुल्क का भुगतान करना होगा। ऐसा नहीं करने पर खाता फ्रीज कर दिया गया। मिनी नायर, अजीत समेत अन्य लोगों ने बार-बार आश्वासन दिया कि सभी लेन-देन कानूनी हैं और सेबी व आरबीआई के नियमों का पालन करते हैं।
मुंबई समेत अन्य शहरों के बैंक खाते में गए रुपये
साइबर पुलिस की जांच में पता चला कि ठगों ने असम के गोलपारा, मुंबई के कांदिवली ईस्ट, पुणे के वाकड, गुजराज के दाहोद, तमिलनाडु के तिरूनेलवेली और राजस्थान के उदयपुर स्थित बैंक खातों में रुपये को ट्रांसफर करवाया गया है। साइबर थाना प्रभारी राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। खाता नंबर के आधार पर ठगों की पहचान की जा रही है।
ठगी से ऐसे बचें
1- ठगों के अपने बनाए हुए एप होते हैं, जो मनमुताबिक पैसों का ऊपर नीचे करते हैं।
2- किसी भी अंजान एप या फिर लिंक के माध्यम से वेबसाइट पर पैसा निवेश नहीं करें।
3- अगर आपको रुपये निवेश करना भी है तो सिर्फ जानने वाले एप पर ही निवेश करें।
4- अगर एप से निवेश का पैसा नहीं निकलता है तो समझिए आपके साथ ठगी हो रही है।
5- ठगी होने पर 1930 या फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।