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देशभक्ति : राजनीति में रहते हुए मां ने बेटे को दिखाई को देश सेवा की राह, विक्की ने मेजर बनकर पूरा किया सपना
Sun, 11 May 2025 03:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 11 May 2025 03:46 PM IST
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मेजर विक्की कुशवाहा अपनी मां अनुराधा कुशवाहा के साथ।
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसे कम ही उदाहरण देखने को मिलते हैं जब किसी राजनीतिक परिवार का कोई सदस्य देश सेवा के लिए सेना में शामिल हो। प्रयागराज के विक्की कुशवाहा के मां-पिता दोनों समाजवादी पार्टी में हैं, बावजूद इसके विक्की ने राजनीति की जगह भारतीय सेना में जाने की ठानी। उनकी मां एवं पूर्व पार्षद अनुराधा कुशवाहा ने भी उनका बखूबी साथ दिया। राजनीति में होने के बावजद उन्होंने घर में ऐसा माहौल बनाया कि विक्की अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जुट गए और उन्हें सफलता भी मिली।
मेजर विक्की के पिता विनय कुशवाहा समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हैं, जबकि उनकी मां सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बन चुकी हैं। अनुराधा बताती हैं कि बचपन से ही विक्की का सेना में जाने का मन था। बचपन में ही जब उसे हम कोई खिलौना दिलाने जाते थे वह बंदूक ही खरीदता। उसकी यह ललक देखकर मुझे भी यही लगता कि बच्चे ने जो बनने की ठानी है उसमें उसका सहयोग दिया जाए। वह वर्ष 2007 से 2012 के दौरान पार्षद रही। इसी दौरान विक्की को एनडीए की परीक्षा देनी थी।
पार्षद होने की वजह से घर में हर रोज काफी लोगों का आना-जाना होता था। ऐसे में विक्की की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए उन्होंने अलग एक कमरा दे दिया। उसकी मेहनत रंग लाई और 2012 में उसने एनडीए की परीक्षा पास कर ली। तीन वर्ष की ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग लेफ्टिनेंट के रूप में हिसार में हुई। वर्तमान में वह अब मेजर के पद पर कार्यरत है।
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आईआईटी और आईआईएम छोड़ एनडीए को ही चुना
पूर्व पार्षद अनुराधा बताती हैं, घर में बेहतर माहौल देने की वजह से विक्की का एनडीए के साथ आईआईटी, आईआईएम इंदौर में भी चयन हुआ, लेकिन देश सेवा के जुनून की वजह से उनसे एनडीए में जाने का निर्णय लिया। कुछ वर्ष पूर्व ही विक्की की शादी हुई। यह बात सही है कि देश में जंग का माहौल है, विक्की को लेकर कभी-कभार थोड़ी बहुत चिंता तो होती है, लेकिन भगवान पर हमें पूरा विश्वास है, जो भी होगा अच्छा ही होगा।
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मेजर विक्की के पिता विनय कुशवाहा समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हैं, जबकि उनकी मां सपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बन चुकी हैं। अनुराधा बताती हैं कि बचपन से ही विक्की का सेना में जाने का मन था। बचपन में ही जब उसे हम कोई खिलौना दिलाने जाते थे वह बंदूक ही खरीदता। उसकी यह ललक देखकर मुझे भी यही लगता कि बच्चे ने जो बनने की ठानी है उसमें उसका सहयोग दिया जाए। वह वर्ष 2007 से 2012 के दौरान पार्षद रही। इसी दौरान विक्की को एनडीए की परीक्षा देनी थी।
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पार्षद होने की वजह से घर में हर रोज काफी लोगों का आना-जाना होता था। ऐसे में विक्की की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए उन्होंने अलग एक कमरा दे दिया। उसकी मेहनत रंग लाई और 2012 में उसने एनडीए की परीक्षा पास कर ली। तीन वर्ष की ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग लेफ्टिनेंट के रूप में हिसार में हुई। वर्तमान में वह अब मेजर के पद पर कार्यरत है।
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पूर्व पार्षद अनुराधा बताती हैं, घर में बेहतर माहौल देने की वजह से विक्की का एनडीए के साथ आईआईटी, आईआईएम इंदौर में भी चयन हुआ, लेकिन देश सेवा के जुनून की वजह से उनसे एनडीए में जाने का निर्णय लिया। कुछ वर्ष पूर्व ही विक्की की शादी हुई। यह बात सही है कि देश में जंग का माहौल है, विक्की को लेकर कभी-कभार थोड़ी बहुत चिंता तो होती है, लेकिन भगवान पर हमें पूरा विश्वास है, जो भी होगा अच्छा ही होगा।