UPPSC : आरओ-एआरओ पेपर लीक मामले में और 14 लोग एसटीएफ के रडार पर, राजीव नयन की महिला मित्र की भी तलाश
प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से एसटीएफ ने मुख्य आरोपी राजीव नयन समेत अबतक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाल में एसटीएफ ने सुनील रघुवंशी, सुभाष प्रकाश, संदीप पांडेय, विवेक उपाध्याय, अमरजीत शर्मा, विशाल दुबे को गिरफ्तार किया था।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आरओ/एआरओ परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामले में एसटीएफ ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल में पकड़े गए छह आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे मामले में वाराणसी में तैनात एक सिपाही समेत 14 और लोग शामिल है। एसटीएफ की टीम अब इन सभी नामों की एक लिस्ट तैयार कर ली है। ये सभी एसटीएफ के रडार पर हैं।
प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से एसटीएफ ने मुख्य आरोपी राजीव नयन समेत अबतक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाल में एसटीएफ ने सुनील रघुवंशी, सुभाष प्रकाश, संदीप पांडेय, विवेक उपाध्याय, अमरजीत शर्मा, विशाल दुबे को गिरफ्तार किया था। इससे पहले दस आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। सूत्रों ने बताया कि अबतक की एसटीएफ जांच में 14 और नामों का खुलासा हुआ है। ये वो लोग हैं, जो प्रश्नप्रत्र पढ़ने के अलावा इनको वायरल करने में अहम भूमिका निभाई है। बताया जा रहा है कि इन लोगों को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
सर्विलांस पर लगाए गए नंबर
सूत्रों ने बताया कि लीक प्रकरण में अभ्यार्थियों की भी अहम भूमिका है। तैयार किए गए नए नामों की लिस्ट में सबसे ज्यादा अभ्यर्थी ही हैं। इसके अलावा प्रश्नपत्र को बाहर निकालने के लिए आरोपियों की मदद करने वालों से लेकर प्रश्नपत्र को वायरल करने वालों तक का ब्योरा बनाया गया है। जांच में पता चला है कि ये लोग प्रयागराज, वाराणसी और बिहार के अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक सभी के नंबर सर्विलांस पर हैं।
शिवानी की गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज
एसटीएफ राजीव नयन मिश्रा को प्रश्नपत्र लीक मामले में मास्टरमाइंड मानती है। जांच में सामने आया है कि भोपाल के भरतनगर की रहने वाली शिवानी सिंह परीक्षार्थियों से लिए पैसों का लेनदेन रखती थी। अब शिवानी को दबोचने के लिए लखनऊ एसटीएफ के साथ-साथ वाराणसी की टीम भी गिरफ्तारी में जुटी हुुई है। सूत्रों ने बताया कि एसटीएफ की टीम शिवानी की गिरफ्तारी के करीब है। वहीं, दूसरी तरफ यह भी सामने आया कि इस केस में एक सिपाही का नाम भी सामने आया है। सिपाही ने प्रश्नपत्र को वायरल कराने में अहम भूमिका निभाई है। जांच में पता चला कि इस सिपाही की तैनाती वाराणसी में हैं।