यूपी : माफिया अतीक अहमद की आठ करोड़ की संपत्ति जब्त, प्रयागराज के सात, दिल्ली-बलरामपुर के दो-दो खाते अटैच
ईडी ने इसी साल अप्रैल में अतीक अहमद के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। इसके लिए उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों को आधार बनाया गया था। इसके बाद से ईडी की टीम उसकी उन संपत्तियों का पता लगाने में जुट गई।
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अतीक अहमद के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की ओर से की गई कार्रवाई उसके आर्थिक साम्राज्य पर बड़ी चोट की पहल मानी जा रही है। झूंसी स्थित कोल्ड स्टोरेज की जमीन के साथ ही उसके कुल जितने खाते अटैच किए गए हैं, उनमें प्रयागराज के साथ-साथ दिल्ली व बलरामपुर स्थित बैंकों के खाते भी शामिल हैं। इन सभी खातों में अलग-अलग रकम जमा है। ईडी ने इन्हें अस्थायी तौर पर अटैच कर दिया है लेकिन इन खातों से लेनदेन पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।
ईडी ने इसी साल अप्रैल में अतीक अहमद के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। इसके लिए उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों को आधार बनाया गया था। इसके बाद से ईडी की टीम उसकी उन संपत्तियों का पता लगाने में जुट गई जिन्हें अवैध रूप से कमाई गई ब्लैक मनी को व्हाइट करके बनाया गया। इसी के बाद उसकी कुछ संपत्तियों और खातों का पता चला। जिसके बाद ईडी ने अटैचमेंट की कार्रवाई की। सूत्रों का कहना है कि जिन खातों को अटैच किया गया, उनमें से प्रयागराज के सात, दिल्ली के दो और बमरामपुर, महाराष्ट्र के दो खाते शामिल हैं।
पिछले साल ही सीज कर दिए गए थे खाते
अतीक के जिन खातों का अटैचमेंट हुआ है, उन्हें पिछले साल 28 अक्तूबर को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत सीज कर दिया था। साथ ही इनसे लेनदेन पर रोक भी लगा दी थी। दरअसल पुलिस की जांच पड़ताल में उसके कुल 13 खातों की जानकारी सामने आई थी। लेकिन इनमें से एसबीआई संसद भवन शाखा, नई दिल्ली व एसबीआई उप्र सचिवालय शाखा लखनऊ स्थित खाते पूर्व में ही कुर्क किए जा चुके थे। गौरतलब है कि अतीक पर धूमनगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर के मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की थी।
कहां से आई खातों में रकम, होगी पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि अस्थायी अटैचमेंट के बाद अब मनी लांड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी की टीम अहमदाबाद जेल जाकर अतीक से पूछताछ करेगी। उससे पता लगाया जाएगा कि खातों में जमा की गई रकम कहां से आई। इसके अलावा उन कंपनियों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी, जिनके खातों से सीधे अतीक व उसकी पत्नी के खातों में रकम ट्रांसफर हुई।
गुर्गों के साथ ही रिश्तेदार भी रडार पर
सूत्रों का कहना है कि मनी लांड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी की नजर न सिर्फ अतीक के गुर्गों बल्कि उसके रिश्तेदारों के खातों पर भी है। दरअसल अब तक कि जांच में यह बात सामने आई है कि अतीक ने आपराधिक गतिविधियों से रुपये कमाए और फिर इसे अपने साथ ही अपने रिश्तेदारों के भी खातों में जमा किए। इसके बाद इस ब्लैक मनी को संपत्तियों में निवेश कर व्हाइट किया गया। ईडी की नजर अतीक की उन शेल कंपनियों और उनके संचालकों के खातों पर भी है, जिनसे अतीक या उसके रिश्तेदारों के खातों में रकम भेजी गई।