यूपी चुनाव 2022 : डिप्टी सीएम केशव के चुनाव लड़ने के चलते हाट सीट बना सिराथू
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके केशव प्रसाद मौर्य के प्रदेश अध्यक्ष रहते ही भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। उस समय केशव मौर्य का नाम मुख्यमंत्री की रेस में चल रहा था, हालांकि अंत में नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ के नाम पर ही मुहर लगाई।
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विधानसभा चुनाव 2022 के चुनाव में कौशाम्बी जिले की सिराथू विधानसभा सीट डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव लड़ने के चलते चर्चा में आ गया है। यह प्रदेश की वीआईवी विधानसभा सीटों में शुमार हो गया है। केशव प्रसाद मौर्य भाजपा में पिछड़ी जाति के बड़ा चेहरा माने जाते हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके केशव प्रसाद मौर्य के प्रदेश अध्यक्ष रहते ही भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। उस समय केशव मौर्य का नाम मुख्यमंत्री की रेस में चल रहा था, हालांकि अंत में नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ के नाम पर ही मुहर लगाई।
फूलपुर से भाजपा के सांसद रह चुके केशव प्रसाद मौर्य की भाजपा और संघ में गहरी पैठ मानी जाती है। विश्व हिंदू परिषद से अपनी लोकप्रियता बनाने वाले केशव प्रसाद मौर्य की छवि हिंदुत्ववादी नेता के रूप में भी है।
केशव के बयान पर गरमा गई थी सियासत
गत दिनों उनके बयान से काफी हल्ला मचा था जब उन्होंने अयोध्या और काशी के बाद मथुरा की बारी का बयान दिया था। इसके अलावा जालीदार टोपी और लुंगी छाप वाले बयान पर भी प्रदेश में राजनीति गरम हो गई थी। इसे एक वर्ग के खिलाफ टिप्पणी के रूप में देखा गया। हालांकि मौर्य अपने बयान पर कायम रहे।
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल के काफी करीबी माने जाने वाले केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव लड़ने के चलते कौशाम्बी जिले की राजनीति भी सुर्खियों में आ गई है। इस सीट से अभी तक सपा और बसपा ने किसी प्रत्याशी को नहीं उतारा है। माना जा रहा है कि केशव के कद और जातीय समीकरण के हिसाब से सपा और बसपा को इस सीट से प्रत्याशी उतारने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
इलाहाबाद शहर उत्तरी और फाफामऊ से भी रही लड़ने की चर्चा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इलाहाबाद शहर उत्तरी और फाफामऊ से भी लड़ने की चर्चाएं होती रही हैं। इसके चलते यहां के वर्तमान विधायकों के अलावा इस सीट से दावेदारी करने वाले अन्य नेताओं की भी चिंता बढ़ गई थी। अब केशव का नाम सिराथू से घोषित हो जाने पर इस सीट से दावेदारी करने वाले नेताओं ने राहत की ली होगी।