up assembly election 2022 : माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और विजय मिश्र के चुनाव पर ईडी की नजर
ईडी की टीम न सिर्फ उनसे चुनाव में खर्च किए गए रुपयों के स्रोत की जानकारी मांगेगी, बल्कि इस संबंध में उनका अलग से बयान भी दर्ज करेगी। ईडी की स्थानीय इकाई इस संबंध में गोपनीय तरीके से जानकारी इकट्ठा करने में जुट गई है।
विस्तार
मनी लांड्रिंग मामले में पहले से ही जांच के दायरे में चल रहे माफिया मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और विजय मिश्र का चुनावी सफर भी इस बार प्रवर्तन निदेशालय की नजर पर है। तीनों ही बाहुबलियों को अपने चुनावी खर्च की एक-एक पाई का हिसाब ईडी को देना होगा।
ईडी की टीम न सिर्फ उनसे चुनाव में खर्च किए गए रुपयों के स्रोत की जानकारी मांगेगी, बल्कि इस संबंध में उनका अलग से बयान भी दर्ज करेगी। ईडी की स्थानीय इकाई इस संबंध में गोपनीय तरीके से जानकारी इकट्ठा करने में जुट गई है।
पूर्वांचल के सबसे बड़े माफिया डॉन मुख्तार अंसारी व उसके गुर्गों पर ईडी ने पिछले साल मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। आरोप है कि उसने अपनी विधायक निधि से रकम निकालकर स्कूल बनवाने के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान करा लिया। इसी तरह अतीक अहमद और विजय मिश्र के खिलाफ भी मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया जा चुका है।
अतीक की तो 8.14 करोड़ की संपत्ति भी अटैच की जा चुकी है और अब अन्य दोनों की अवैध धन से बनाई गई संपत्तियों की जानकारी जुटाने का काम चल रहा है। इसके साथ ही तीनों ही माफिया के चुनावी सफर पर भी जांच एजेंसी ने अपनी नजर टिका दी है। मुख्तार और विजय मिश्र जहां सीधे चुनाव में भागीदारी करेंगे, वहीं अतीक की पत्नी के विधायक का चुनाव लड़ने की घोषणा हो चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि मनी लांड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी की टीम की बारीक नजर तीनों के चुनावी अभियान पर भी है। चुनाव प्रचार में खर्च की जाने वाली रकम का पूरा ब्यौरा जेल में बंद तीनों बाहुबलियों को ईडी को देना होगा। इस संबंध में टीम न्यायालय की अनुमति से जेल में जाकर उनका बयान भी दर्ज करेगी।
मददगार भी होंगे रडार पर
ईडी सूत्रों का कहना है कि ईडी के रडार पर बाहुबलियों के वह मददगार भी होंगे, जो चुनाव में उन्हें फंडिंग करेंगे। उन कंपनियों के खाते भी ईडी की जांच के दायरे में होंगे, जिनसे इन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि उन व्यक्तियों या कंपनियों के आर्थिक स्रोत का भी पता लगाया जाएगा। जानकारी जुटाई जाएगी कि उन्होंने जो रकम दी, वह उनके पास कहां से आई या उसका स्रोत क्या रहा।
मुख्तार की तीन संपत्तियाें पर कार्रवाई जल्द
सूत्रों का कहना है कि मनी लांड्रिंग केस की जांच में जुटी ईडी की टीम को मुख्तार की तीन ऐसी संपत्तियों के बारे में पता चला है जो अवैध रूप से अर्जित धन से बनाई गई। इसमें गाजीपुर व लखनऊ की भी एक-एक संपत्ति शामिल है। इसी तरह अतीक व विजय मिश्र की संपत्तियों के बाबत भी टीम जानकारी जुटाने में लगी है। अतीक के तो कुछ करीबी गुर्गों का हाल में ही बयान भी दर्ज किया गया है। उनसे पूछा गया कि अतीक के साथ आर्थिक लेनदेन की वजह क्या रही और उस रकम का स्रोत क्या रहा।