डेंगू का डंक : प्रयागराज में बैंक मैनेजर और उनकी पत्नी की डेंगू से मौत, परिवार में मचा कोहराम
फूलपुर कस्बे के कैथाना मोहल्ला निवासी जगदीश प्रसाद भारतीय (52) पुत्र बंधूराम आजमगढ़ जिले में स्थित यूनियन बैंक में बतौर शाखा प्रबंधक तैनात थे। पखवारे भर पहले उन्हें बुखार आया तो इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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डेंगू की चपेट में आने से फूलपुर कस्बे के रहने वाले एक बैंक मैनेजर दंपती की मौत हो गई। घटना से घर में कोहराम मच गया है। एक दिन के अंतराल पर हुई पति-पत्नी की मौत से परिजनों पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोगों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
फूलपुर कस्बे के कैथाना मोहल्ला निवासी जगदीश प्रसाद भारतीय (52) पुत्र बंधूराम आजमगढ़ जिले में स्थित यूनियन बैंक में बतौर शाखा प्रबंधक तैनात थे। पखवारे भर पहले उन्हें बुखार आया तो इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने डेंगू होने की बात बताई। गंभीरावस्था में बृहस्पतिवार को परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ लेकर जा रहे थे। जहां रास्ते में ही बैंक मैनेजर जगदीश प्रसाद ने दम तोड़ दिया। वहीं उनकी पत्नी धर्मा देवी 50 भी डेंगू बुखार की चपेट में थीं।
अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी भी पति की मौत के दूसरे दिन शुक्रवार को मौत हो गई। बैंक मैनेजर दंपती की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है। वहीं परिवार व मोहल्ले में घटना से मातम का माहौल है। परिजनों के मुुताबिक उनका बेटा भी डेंगू बुखार की चपेट में आ गया है। एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। जहां स्थिति में अच्छा सुधार है।
इसी तरह फाफामऊ क्षेत्र के प्रसिद्ध का पूरा गांव का अंकित कुमार सरोज (24) पुत्र पंचम सरोज कई दिनों से डेंगू से पीड़ित था। उसका शांतिपुरम के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार को उसकी मौत हो गई।
राहत: अस्पतालों में बेड हुए खाली, घटने लगी डेंगू मरीजों की संख्या
डेंगू के खौफनाक महौल के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिसमें अस्पतालों भर्ती डेंगू के मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय (बेली), मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (काल्विन), स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में डेंगू के भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम रही।
अभी तक यही सामने आ रहा था कि अस्पतालों में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा हालात पर नजर डाली जाए तो काल्विन में कुल डेंगू मरीजों के लिए कुल 50 बेड हैं। जिसके सापेक्ष यहां पर 45 मरीज भर्ती हैं जिसमें से 24 डेंगू के हैं व अन्य वायरल से ग्रसित हैं। जिसके आधार पर यहां पर पांच बेड खाली हैं।
एसआरएन में कुल 100 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित हैं। जिसमें कुल 88 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में यहां 12 बेड खाली हैं। बेली में 90 बेड आरक्षित हैं जिसमें 70 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में यहां 20 बेड खाली हैं। वहीं छावनी अस्पताल में 82 बेड आरक्षित हैं, जिसमें 71 मरीज भर्ती हैं। जिसके आधार पर यहां 11 बेड खाली हैं। चिकित्सकों की मानें तो अभी तक अस्पतालों में डेंगू मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध नहीं थे। लेकिन पिछले दो से तीन दिनों में इसमें गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अस्पतालों में गंभीर डेंगू मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है।