उमेश पाल हत्याकांड : माफिया अतीक के बहनोई डॉ. अखलाक की थी कौशांबी में मिली लावारिस कार
पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों से दो दिन तक कोतवाली में रखकर पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। संदिग्ध कार को भी न्यायालय में दाखिल कर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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उमेश पाल हत्याकांड के ठीक चार दिन बाद संदीपन घाट के बसेढ़ी गांव में मिली लावारिस कार माफिया अतीक के सगे बहनोई डॉ. अखलाक अहमद की निकली। अखलाक मेरठ के अब्दुल्लापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी डॉक्टर है और वह उमेश पाल की हत्या में शामिल अतीक के बेटे असद के साथ दो शूटरों को अपनी कार से मेरठ ले जा रहा था। शनिवार को एसटीएफ और सहारनपुर की नौचंदी पुलिस ने अतीक के बहनोई को हिरासत में लेकर प्रयागराज पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
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संदीपन घाट के बसेढ़ी गांव में 28 फरवरी को सफेद रंग की एक लावारिस कार को ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध कार को कब्जे में लेकर छानबीन करते हुए गांव के ही दो युवकों को पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई थी। संदिग्ध कार के नंबर प्लेट के आधार पर छानबीन की गई तो कार मेरठ शहर के अखलाक अहमद के नाम से रजिस्टर्ड मिली।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों से दो दिन तक कोतवाली में रखकर पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। संदिग्ध कार को भी न्यायालय में दाखिल कर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पूछताछ के दौरान अखलाक ने पुलिस को बताया कि वह उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक के बेटे असद और दो अन्य शूटरों को अपनी कार में बिठा कर मेरठ ले जाने के लिए आया था। पकड़े जाने के डर से उसने अपनी कार को संदीपन घाट के बसेढ़ी गांव में खड़ी कर दिया और दूसरी कार में बैठकर भाग निकला। प्रयागराज एसटीएफ की पकड़ में आए माफिया अतीक के बहनोई अखलाक से पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।
पकड़ी गई संदिग्ध कार के नंबर प्लेट के आधार पर अखलाक का नाम सामने आया था। कार को कोर्ट में दाखिल कर अधिकारियों को सूचना दे दी गई थी। छानबीन के दौरान अखलाक का अतीक से संबंध होने की बात सामने आ रही है तो कार्रवाई की जाएगी। - राकेश राय, इंस्पेक्टर-संदीपन घाट