उमेश पाल हत्याकांड : अशरफ का एक लाख का इनामी साला सद्दाम दुबई में कर रहा मौज, फोटो वायरल
उमेश पाल की हत्या से पहले सद्दाम ने बरेली जेल में बंद अशरफ की सुख-सुविधाओं के लिए तमाम पुलिस वालों से सेटिंग की थी। सद्दाम की बदौलत ही अशरफ वहां बेखौफ जिंदगी जी रहा था। जिससे चाहता मिलता, जो चाहता खाता पीता था।
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उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक के भाई अशरफ का साला सद्दाम दुबई भाग निकला है। बृहस्पतिवार को सद्दाम की एक फोटो भी वायरल हुई, जिसमें वह दुबई के किसी स्थान पर दिख रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक लाख का इनामी सद्दाम वहीं से अतीक के विदेशी कारोबार को मैनेज कर रहा है।
उमेश पाल की हत्या से पहले सद्दाम ने बरेली जेल में बंद अशरफ की सुख-सुविधाओं के लिए तमाम पुलिस वालों से सेटिंग की थी। सद्दाम की बदौलत ही अशरफ वहां बेखौफ जिंदगी जी रहा था। जिससे चाहता मिलता, जो चाहता खाता पीता था। असद समेत अतीक गिरोह के लोग बरेली जेल जाकर घंटों उससे गुफ्तगू भी करते। यह भी कहा जा रहा है कि उमेश पाल की हत्या की पूरी प्लानिंग पर बरेली जेल में ही अंतिम मुहर लगाई गई थी।
उमेश की हत्या के बाद जब पुलिस ने अशरफ के मददगारों की सूची तैयार की तो सद्दाम पहले नंबर पर था। पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया है, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। उसकी तमाम फोटो वायरल हो रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ फोटो उसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड की थीं। एक तस्वीर में वह लक्जरी कार के आगे खड़ा दिख रहा है।
कार पर नंबर दुबई का दर्ज है। दूसरी फोटो भी दुबई के प्रसिद्ध होटल के पास की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सद्दाम के माध्यम से ही अतीक ने दुबई में कई प्रापर्टी खरीदी थीं। एक होटल में भी अतीक ने पैसा लगाया था। इसके साथ खाड़ी के कई देशों में भी अतीक ने रकम लगाई थी। अतीक-अशरफ की 15 अप्रैल को हत्या के बाद विदेशों की संपत्तियों और निवेश को सद्दाम ही मैनेज कर रहा है।
फरार शाइस्ता पर सातवां मुकदमा दर्ज होगा गैंगस्टर का
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन पर पुलिस सातवां मुकदमा गैंगस्टर के रूप में दर्ज करने की तैयारी में है। अब तक उस पर छह मुकदमे दर्ज हैं। इन्हीं मुकदमों और उमेश पाल हत्याकांड में भूमिका को लेकर पुलिस नई एफआईआर दर्ज करेगी। 50 हजार की इनामी शाइस्ता को पुलिस लाख प्रयास के बावजूद गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
शाइस्ता को ढूंढने का दावा करने वाली पुलिस फिलहाल असहाय नजर आ रही है। उसका तंत्र नाकाम है। पुलिस अभी तक न उसे खोज पाई, न ही उसके शरणदाताओं को। यह पुलिस के इकबाल को तगड़ी चुनौती ही है कि इतनी कठोर कार्रवाइयों और मुठभेड़ के बावजूद शाइस्ता को कोई पनाह देने की जुर्रत किए हुए है।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि उमेश हत्याकांड में शाइस्ता शामिल रही है। सौलत हनीफ के बयान के आधार पर पुलिस यह भी दावा करती रही है कि शाइस्ता बेटे असद के माध्यम से वसूली का पूरा गिरोह चला रही थी। अतीक-अशरफ और असद के सफाए के बाद शाइस्ता ने ही गिरोह की कमान थाम ली है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा लिखाने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही सातवां मुकदमा दर्ज हो जाएगा।
बढ़ाया जा सकता है इनाम
पुलिस शाइस्ता की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन हासिल कुछ नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अगर शाइस्ता जल्द न मिली तो उस पर इनाम भी बढ़ाया जा सकता है। पुलिस अतीक की बहन आयशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब को भी खोज रही है। नामजद होने के बाद आयशा और जैनब का कुछ पता नहीं चल पाया है।