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प्रयागराज : नहाने गए दो किशोर गंगा में समाए, खोजबीन में जुटे गोताखोर
Sat, 09 Jul 2022 11:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 09 Jul 2022 11:34 PM IST
सार
उरूवा क्षेत्र के रामनगर गांव के सुरेश सिंह पटेल का बेटा हर्ष(12) और गांव के ही सुखदेव का बेटा आलोक(12) अपने तीन साथियों के साथ शुक्रवार शाम गंगा स्नान के लिए छतवा घाट पर गए थे। उनके साथ गांव के ही तीन अन्य दोस्त भी गए थे। स्नान करते वक्त हर्ष और आलोक गहराई में चले गए और नदी में डूब गए।
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Prayagraj News : गंगा में डूबने वाले बच्चों की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उरूवा क्षेत्र के सिरसा स्थित छतवा गंगा घाट पर स्नान करने गए दो किशोर नदी में डूब गए। घटना शुक्रवार शाम को तब हुई जब दोनों तीन अन्य दोस्तों संग नहाने के लिए गए थे। सुबह जानकारी होने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। जिसके बाद एक का शव निकाल लिया गया लेकिन दूसरे का कुछ पता नहीं चला। पुलिस देर शाम तक उनकी तलाश में जुटी रही।
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उरूवा क्षेत्र के रामनगर गांव के सुरेश सिंह पटेल का बेटा हर्ष(12) और गांव के ही सुखदेव का बेटा आलोक(12) अपने तीन साथियों के साथ शुक्रवार शाम गंगा स्नान के लिए छतवा घाट पर गए थे। उनके साथ गांव के ही तीन अन्य दोस्त भी गए थे। स्नान करते वक्त हर्ष और आलोक गहराई में चले गए और नदी में डूब गए।
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परिजनों को सुबह इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खोजबीन शुरू करते हुए गोताखोरों को उतारा तो कुछ देर बाद आलोक का शव बरामद हो गया। हालांकि उसका कुछ पता नहीं चला। तलाश में स्थानीय गोताखोरों के साथ ही एसडीआरएफ भी पहुंच गई थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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दहशत में आए दोस्त, नहीं दी जानकारी
हर्ष व आलोक को अपनी आंखों के सामने नदी में डूबते देख साथ गए तीन दोस्त दहशत में आ गए थे। यही वजह रही कि वह चुपचाप घर चले आए और किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। उधर बहुत देर तक वापस नहीं आने पर हर्ष व आलोक के परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रात भर उनकी खोजबीन में जुटे रहे। सुबह किसी ने बताया कि आखिरी बार गांव के ही तीन बच्चों को उनके साथ देखा गया था। जब परिजनों ने घर पहुंचकर उन बच्चों से जानकारी ली तो घटना की जानकारी हुई।
इकलौता बेटा था आलोक
उधर हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा रहा। आलोक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। वह सरदार बल्लभ भाई पटेल कॉलेज में सातवीं कक्षा का छात्र था। उधर हर्ष दो भाइयों में बड़ा था। वह रामनगर स्थित एसपी पब्लिक स्कूल में छठवीं का छात्र था। इससे पहले बेटे का शव देख आलोक के परिजन बदहवास से हो गए थे।
हर्ष व आलोक को अपनी आंखों के सामने नदी में डूबते देख साथ गए तीन दोस्त दहशत में आ गए थे। यही वजह रही कि वह चुपचाप घर चले आए और किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। उधर बहुत देर तक वापस नहीं आने पर हर्ष व आलोक के परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रात भर उनकी खोजबीन में जुटे रहे। सुबह किसी ने बताया कि आखिरी बार गांव के ही तीन बच्चों को उनके साथ देखा गया था। जब परिजनों ने घर पहुंचकर उन बच्चों से जानकारी ली तो घटना की जानकारी हुई।
इकलौता बेटा था आलोक
उधर हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा रहा। आलोक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। वह सरदार बल्लभ भाई पटेल कॉलेज में सातवीं कक्षा का छात्र था। उधर हर्ष दो भाइयों में बड़ा था। वह रामनगर स्थित एसपी पब्लिक स्कूल में छठवीं का छात्र था। इससे पहले बेटे का शव देख आलोक के परिजन बदहवास से हो गए थे।