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रबर फैक्ट्री के कोयला प्लांट में गुरूवार को फिर से दिखी बाघिन की लोकेशन
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demo photo
- फोटो : demo photo
बाघिन को पकड़ने के लिए नवंबर में आएगी एक्सपर्ट की टीम
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तीन दिन में दो बार मिली बाघिन की लोकेशन
फतेहगंज पश्चिमी। बंद पड़ी रबर फैक्टरी में एक बार फिर बाघिन दिखाई दी। तीन दिन में दो बार बाघिन की लगातार फुटेज मिलने से वन विभाग के अधिकारी भी खासे उत्साहित हैं। बाघिन को पकड़ने के लिए जल्द ही एक्सपर्ट की टीम बुलाने की बात कही जा रही है।
पिछले कई महीनों से रबर फैक्टरी में बाघिन घूम रही है। गनीमत यह है कि बाघिन अभी यहां से बाहर नहीं निकली। फैक्टरी के अंदर ही कई जगह वह ठिकाने बदल चुकी है। इस कारण वन विभाग के अधिकारी अभी तक उसे पकड़ नहीं सके हैं। गुरुवार को बाघिन की लोकेशन रबर फैक्टरी के कोयला प्लांट में मिली। यहां लगे कैमरों में बाघिन की तस्वीरें कैद होने पर डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बाघिन के एक ही लोकेशन पर स्थिर होने का इंतजार किया जा रहा है। नवंबर में एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर बाघिन को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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यहां बता दें कि रबर फैक्टरी के जंगल में कई महीने से चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था लेकिन बाघिन नहीं आई। काई दिनों तक टीम फैक्टरी में डेरा जमाए रही लेकिन बाघिन पकड़ में नहीं आई। बीते मंगलवार को 18 दिन के बाद बाघिन की लोकेशन मिली थी। अब दो दिन बाद फिर कोयला प्लांट के दो कैमरों में बाघिन की तस्वीरें कैद हुई हैं।
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तीन दिन में दो बार मिली बाघिन की लोकेशन फतेहगंज पश्चिमी। बंद पड़ी रबर फैक्टरी में एक बार फिर बाघिन दिखाई दी। तीन दिन में दो बार बाघिन की लगातार फुटेज मिलने से वन विभाग के अधिकारी भी खासे उत्साहित हैं। बाघिन को पकड़ने के लिए जल्द ही एक्सपर्ट की टीम बुलाने की बात कही जा रही है।
पिछले कई महीनों से रबर फैक्टरी में बाघिन घूम रही है। गनीमत यह है कि बाघिन अभी यहां से बाहर नहीं निकली। फैक्टरी के अंदर ही कई जगह वह ठिकाने बदल चुकी है। इस कारण वन विभाग के अधिकारी अभी तक उसे पकड़ नहीं सके हैं। गुरुवार को बाघिन की लोकेशन रबर फैक्टरी के कोयला प्लांट में मिली। यहां लगे कैमरों में बाघिन की तस्वीरें कैद होने पर डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बाघिन के एक ही लोकेशन पर स्थिर होने का इंतजार किया जा रहा है। नवंबर में एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर बाघिन को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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यहां बता दें कि रबर फैक्टरी के जंगल में कई महीने से चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था लेकिन बाघिन नहीं आई। काई दिनों तक टीम फैक्टरी में डेरा जमाए रही लेकिन बाघिन पकड़ में नहीं आई। बीते मंगलवार को 18 दिन के बाद बाघिन की लोकेशन मिली थी। अब दो दिन बाद फिर कोयला प्लांट के दो कैमरों में बाघिन की तस्वीरें कैद हुई हैं।