फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Three accused in attempt to murder released on one year probation

Prayagraj News: हत्या के प्रयास में तीन दोषी एक साल की परिवीक्षा पर रिहा

Fri, 26 Jun 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Fri, 26 Jun 2026 02:11 AM IST
विज्ञापन
Three accused in attempt to murder released on one year probation
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 38 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में तीन आरोपियों की दोषसिद्धि बरकरार रखी है, लेकिन उनकी चार साल की कारावास की सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए एक साल की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

यह आदेश न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने सुबोध कुमार और अन्य की अपील पर दिया है। कहा कि आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित होता है पर उनकी उम्र, आपराधिक इतिहास न होने व लंबित मुकदमे की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें सुधार का अवसर दिया जाना उचित होगा।
विज्ञापन

मैनपुरी निवासी अपीलकर्ताओं के खिलाफ आरोप है कि 1986 में रास्ते के विवाद को लेकर वादी अनवर सिंह के घर पहुंचकर फायरिंग और हमला किया था। घटना में अनवर सिंह समेत उनके परिवार के कई सदस्य घायल हुए थे। पुलिस जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सत्र न्यायालय ने 1988 में सुबोध कुमार, महेंद्र सिंह और राजेश कुमार को दोषी ठहराते हुए चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की ओर से दर्ज दोषसिद्धि पूरी तरह न्यायोचित है और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, कोर्ट ने पाया कि सभी आरोपी 60 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं। उनका पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तीनों आरोपियों को एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया है।

परिवीक्षा का अर्थ है कि दोषी को अपराध सिद्ध होने के बावजूद तत्काल जेल नहीं भेजा जाता। उसे कुछ शर्तों के साथ समाज में रहने का अवसर दिया जाता है। इस अवधि में उसे अच्छा आचरण बनाए रखना होता है। यदि वह शर्तों का उल्लंघन करता है तो अदालत उसे फिर तलब कर मूल सजा दे सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed