Prayagraj : शहर कोतवाली को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस कंट्रोल के डायल 112 पर देर रात आई कॉल से मचा हड़कंप
कोतवाली को आधी रात बम से उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैला दी गई। पुलिस जांच में जुटी तो आरोपी का नाम व पता मिला जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पता चला कि वह चाट विक्रेता है और नशे में उसने यह वारदात की।
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कोतवाली को आधी रात बम से उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैला दी गई। पुलिस जांच में जुटी तो आरोपी का नाम व पता मिला जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पता चला कि वह चाट विक्रेता है और नशे में उसने यह वारदात की। बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया। घटना आठ अगस्त को रात 12.55 मिनट पर हुई। एक शख्स ने 112 नंबर पर सूचना दी कि थोड़ी देर में कोतवाली को बम से उड़ा दिया जाएगा। कंट्रोल रूम से सूचना कोतवाली प्रभारी को दी गई तो सनसनी फैल गई।
रात में ही बम डिस्पोजल व डाॅग स्क्वॉड कोतवाली पहुंचा और फिर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। हालांकि, कुछ नहीं मिला। पुलिस ने नंबर के आधार पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह सिम शिवकुमार निवासी कुलमई, बरांव करछना का है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई। मंगलवार देर रात उसे मोहत्सिमगंज से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि वह चाट की दुकान चलाता है और मोहत्सिमगंज में किराये के कमरे में तीन बेटियों व पत्नी के साथ रहता है। यह भी बताया कि उसने नशे में यह वारदात की। एसीपी कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि आरोपी पर धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया गया। सात साल से कम की सजा का प्रावधान होेने के चलते नोटिस देकर शांतिभंग में चालान किया गया। जहां से उसे 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया।
इसलिए भी था नाराज
सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने भले ही नशे में गलत सूचना देने की बात कबूली हो। लेकिन, वह अपने रुपये वापस न मिलने को लेकर भी पुलिस से नाराज था। पिछले साल उसने करीब एक लाख रुपये हड़पने के आरोप में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका कहना है कि पुलिस ने न आरोपी को गिरफ्तार किया और न ही उसके रुपये वापस दिलाए। इस मामले में कोतवाली प्रभारी अवनेंद्र सिंह ने बताया कि सात साल से कम की सजा का अपराध होने के चलते नोटिस तामीला कराकर आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।