{"_id":"0075abecee118d40c4619f8986da863c","slug":"the-garba-ran-the-place-of-sarnath-express-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सारनाथ की जगह दौड़ा दी गरबा एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सारनाथ की जगह दौड़ा दी गरबा एक्सप्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनी स्टेशन मास्टर ने मंगलवार को सारनाथ एक्सप्रेस की जगह गरबा एक्सप्रेस दौड़ा दी। इसके कारण इलाहाबाद जंक्शन पर बड़ा हादसा होते-होते रह गया। गरबा के चालक सुधीर श्रीवास्तव की सतर्कता ने ट्रेन को गलत ट्रैक पर जाने से बचा लिया। घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में रेलवे प्रशासन ने आनन-फानन में जांच कर नैनी के स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया है। साथ ही जांच भी शुरू करा दी गई है। दूसरी ओर इस घटना के कारण जंक्शन पर करीब दो घंटे तक प्रयाग, रामबाग और नैनी की ओर से ट्रेनों का आना-जाना ठप रहा। इससे ट्रेनों को इधर-उधर खड़ा करना पड़ा।
हावड़ा से गांधीधाम जाने वाली गाड़ी 12938 गरबा एक्सप्रेस जंक्शन के आउटर पर अपराह्न करीब 13.20 बजे आई। इस ट्रेन को एक नंबर प्लेटफार्म पर आना रहता है, लेकिन इसके लिए दुर्ग से छपरा जाने वाली गाड़ी 15160 सारनाथ एक्सप्रेस की लाइन दे दी गई। ट्रेन नौ नंबर प्लेटफार्म की ओर बढ़ी तो ट्रेन के ड्राइवर सुधीर को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। उन्होंने ट्रेन को रोककर वॉकी-टॉकी के जरिए डिप्टी एसएस से जानकारी मांगी कि गरबा एक्सप्रेस को नौ नंबर पर लिया जा रहा है क्या? इससे डिप्टी एसएस चकरा गए। गड़बड़ी उन्हें समझ में आ गई।
नौ नंबर प्लेटफार्म पर जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस इसके पीछे लगी थी, जबकि नैनी से इसके गरबा होने की जानकारी दी गई थी। बताते हैं कि जंक्शन के आपरेटिंग कर्मचारियों ने गड़बड़ी को छिपाने के लिए गरबा के ड्राइवर को ट्रेन पीछे करने का दबाव भी बनाया लेकिन उसने बिना लिखापढ़ी के इससे इनकार कर दिया। बाद में उसे मेमो देकर ट्रेन को पीछे कराया गया। इसके कारण पीछे लगी सारनाथ एक्सप्रेस को भी पीछे कराना पड़ा। बताते हैं कि ऑटोमेटिक सिगनल के कारण ट्रेनों को पीछे करना संभव नहीं होता। वजह, एक ही सेक्शन में कई ट्रेनें आगे-पीछे लगी होती हैं। इससे दुर्घटना की भी आशंका रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हावड़ा से गांधीधाम जाने वाली गाड़ी 12938 गरबा एक्सप्रेस जंक्शन के आउटर पर अपराह्न करीब 13.20 बजे आई। इस ट्रेन को एक नंबर प्लेटफार्म पर आना रहता है, लेकिन इसके लिए दुर्ग से छपरा जाने वाली गाड़ी 15160 सारनाथ एक्सप्रेस की लाइन दे दी गई। ट्रेन नौ नंबर प्लेटफार्म की ओर बढ़ी तो ट्रेन के ड्राइवर सुधीर को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। उन्होंने ट्रेन को रोककर वॉकी-टॉकी के जरिए डिप्टी एसएस से जानकारी मांगी कि गरबा एक्सप्रेस को नौ नंबर पर लिया जा रहा है क्या? इससे डिप्टी एसएस चकरा गए। गड़बड़ी उन्हें समझ में आ गई।
विज्ञापन
नौ नंबर प्लेटफार्म पर जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस इसके पीछे लगी थी, जबकि नैनी से इसके गरबा होने की जानकारी दी गई थी। बताते हैं कि जंक्शन के आपरेटिंग कर्मचारियों ने गड़बड़ी को छिपाने के लिए गरबा के ड्राइवर को ट्रेन पीछे करने का दबाव भी बनाया लेकिन उसने बिना लिखापढ़ी के इससे इनकार कर दिया। बाद में उसे मेमो देकर ट्रेन को पीछे कराया गया। इसके कारण पीछे लगी सारनाथ एक्सप्रेस को भी पीछे कराना पड़ा। बताते हैं कि ऑटोमेटिक सिगनल के कारण ट्रेनों को पीछे करना संभव नहीं होता। वजह, एक ही सेक्शन में कई ट्रेनें आगे-पीछे लगी होती हैं। इससे दुर्घटना की भी आशंका रहती है।
विज्ञापन