संगम क्षेत्र टापू में तब्दील, पुरोहितों के डेरे-तंबू हटे, महावीर मार्ग से अक्षयवट और संगम जाने का रास्ता बंद
गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि से शनिवार को संगम क्षेत्र टापू में तब्दील हो गया। अक्षयवट और महावीर मार्ग से संगम जाने का रास्ता बंद हो गया। इस दिन कानपुर बैराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा में जल दबाव बढ़ गया है। दो सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से तीर्थपुरोहितों, फेरीवालों और पूजा-प्रसाद के दुकानदारों की मुसीबत बढ़ गई है।
दो दिन के भीतर गंगा का जलस्तर आधा मीटर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में परेशानी बढ़ गई है। किला के आसपास से लोग अपनी झोपड़ियां और टेंट समेटने लगे हैं। सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के अनुसार शनिवार की शाम यमुना का जलस्तर 75.08 मीटर पर पहुंच गया। जबकि, फाफामऊ में 78.58 और छतनाग में 74.58 मीटर पर बह रही हैं।
जलस्तर बढ़ने से संगम नोज चारों तरफ से पानी से घिर गया। इससे अक्षयवट और महावीर मार्ग से संगम जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। कुछ तीर्थपुरोहितों ने बढ़ते जलस्तर के साथ रेती पर ही अपनी चौकियां खिसकानी शुरू कर दी हैं, जबकि सैकड़ों पुरोहितों ने अपने साजो -सामान समेट लिए। शनिवार को भी पचासों दुकानें अक्षयवट मार्ग और आरती स्थल के आसपास लगा दी गईं।