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इविविः शिक्षिका के उत्पीड़न का मामला कार्य परिषद में जाने के आसार
Thu, 16 May 2019 12:50 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 May 2019 12:50 AM IST
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prof. gc tripathi
- फोटो : प्रयागराज
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष एवं बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की परेशानी बढ़ सकती है। प्रो. त्रिपाठी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय की एक शिक्षिका ने कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के पास शिकायती पत्र भेजा है। अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कुलपति इस हाई प्रोफाइल मामले को इसी महीने वाली इविवि कार्य परिषद में रख सकते हैं।
प्रो. जीसी त्रिपाठी पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली शिक्षिका ने सात मई को ही कुलपति के पास शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें अभद्र भाषा में बातचीत करने, कमेंट करने, झूठे आरोप लगाने, बैठकों के दौरान जोक्स, कहानियों, संस्कृत श्लोक के बहाने कमेंट करने, ईमेल भेजकर परेशान करने, फोन पर असंसदीय भाषा में बातचीत सहित कई आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर शिकायत वायरल होने के बाद अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षिका ने आरोप लगाने के साथ ही साक्ष्य के रूप में प्रो. त्रिपाठी के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग भी भेजी है। यह भी कहा है कि उनके निर्देशन में शोध करने वाले छात्र को भी परेशान किया जाता है।
अमर उजाला में बुधवार के अंक में प्रो. जीसी त्रिपाठी से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद यह मामला पूरे दिन परिसर और शहर में चर्चा के केंद्र में रहा। सभी यह जानने की कोशिश में जुटे रहे कि आखिर में महिला ने क्या शिकायत की है। दूसरी ओर इविवि के सूत्रों का कहना है कि कुलपति प्रो. हांगलू इस मामले को विवि की सर्वोच्च संस्था कार्य परिषद की बैठक में ले सकते हैं। कार्य परिषद का जो निर्णय होगा, कुलपति उसी के अनुसार निर्णय लेंगे। परिषद की बैठक इसी माह होने वाली है।
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बता दें कि इविवि इससे पूर्व भी एक ऐसे ही मामले के चलते चर्चा में रहा था। जब कुलपति के पास हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सूर्य नारायण की एक महिला ने शिकायत की थी। शिकायत के बाद कुलपति ने इस मामले में भी कार्य परिषद के निर्णय के आधार पर ही डॉ. सूर्य नारायण को निलंबित कर दिया गया था। अब ऐसे आसार दिखते हैं कि प्रो. जीसी त्रिपाठी का मामला भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू से इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन सिंह से विश्वविद्यालय के आधिकारिक बयान के लिए संपर्क का प्रयास किया गया परंतु, वह भी उपलब्ध नहीं हो सके।
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प्रो. जीसी त्रिपाठी पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली शिक्षिका ने सात मई को ही कुलपति के पास शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें अभद्र भाषा में बातचीत करने, कमेंट करने, झूठे आरोप लगाने, बैठकों के दौरान जोक्स, कहानियों, संस्कृत श्लोक के बहाने कमेंट करने, ईमेल भेजकर परेशान करने, फोन पर असंसदीय भाषा में बातचीत सहित कई आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर शिकायत वायरल होने के बाद अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षिका ने आरोप लगाने के साथ ही साक्ष्य के रूप में प्रो. त्रिपाठी के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग भी भेजी है। यह भी कहा है कि उनके निर्देशन में शोध करने वाले छात्र को भी परेशान किया जाता है।
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अमर उजाला में बुधवार के अंक में प्रो. जीसी त्रिपाठी से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद यह मामला पूरे दिन परिसर और शहर में चर्चा के केंद्र में रहा। सभी यह जानने की कोशिश में जुटे रहे कि आखिर में महिला ने क्या शिकायत की है। दूसरी ओर इविवि के सूत्रों का कहना है कि कुलपति प्रो. हांगलू इस मामले को विवि की सर्वोच्च संस्था कार्य परिषद की बैठक में ले सकते हैं। कार्य परिषद का जो निर्णय होगा, कुलपति उसी के अनुसार निर्णय लेंगे। परिषद की बैठक इसी माह होने वाली है।
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बता दें कि इविवि इससे पूर्व भी एक ऐसे ही मामले के चलते चर्चा में रहा था। जब कुलपति के पास हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सूर्य नारायण की एक महिला ने शिकायत की थी। शिकायत के बाद कुलपति ने इस मामले में भी कार्य परिषद के निर्णय के आधार पर ही डॉ. सूर्य नारायण को निलंबित कर दिया गया था। अब ऐसे आसार दिखते हैं कि प्रो. जीसी त्रिपाठी का मामला भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू से इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन सिंह से विश्वविद्यालय के आधिकारिक बयान के लिए संपर्क का प्रयास किया गया परंतु, वह भी उपलब्ध नहीं हो सके।