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धमकियां मिलने पर इविवि के शिक्षक ने छोड़ा शहर

Sun, 01 Sep 2019 09:54 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2019 09:54 PM IST
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IVIV's teacher left the city after receiving threats
IVIV's teacher left the city after receiving threats
धमकियां मिलने पर इविवि के शिक्षक ने छोड़ा शहर
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- धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी किया है नोटिस
- शिक्षक ने कुछ वरिष्ठ प्रोफेसरों, अपने एक शोधार्थी पर लगाया साजिश करने का आरोप
प्रयगराज। धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम ने शहर छोड़ दिया है। मामले में लगातार मिल रही धमकियों से दहशत में आए डॉ. विक्रम को आशंका है कि उनके साथ मॉब लिंचिंग जैसी कोई घटना हो सकती है। हालांकि जिस वायरल हुए वीडियो के आधार पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है, डॉ. विक्रम के अनुसार वह वर्ष 2017 का है। उनका आरोप है कि विभाग के कुछ वरिष्ठ शिक्षक और एक शोधार्थी ने मिलकर उनके खिलाफ साजिश की है।
अनुसूचित जाति के डॉ. विक्रम ने वर्ष 2017 में आयोजित एक सेमिनार के दौरान हिंदू धर्म को लेकर कुछ आपत्तिजनक बयान दिया, जिसका वीडियो अब वायरल किया गया है। यह वीडियो यूट्यूब पर भी आ गया है। कुछ दिनों पहले एबीवीपी के अश्विनी कुमार मौर्य के नेतृत्व में कई छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया और इसके बाद रजिस्ट्रार की ओर से डॉ. विक्रम को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। डॉ. विक्रम का कहना है कि उन्होंने सेमिनार में जिस घटना का जिक्र किया, वह जब छह साल के थे, तब यह घटना हुई थी। उन्होंने इस घटना का उदाहरण देते हुए छात्रों से अपील की थी कि अंधविश्वास में न पड़ें और अपनी मेहनत एवं लगन से आगे बढ़ें।
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डॉ. विक्रम के पिता रघुनाथ एक बंधुआ मजदूर थे। उन्होंने जैसे-तैसे अपने पुत्र को पढ़ाया और जेएनयू से पीएचडी करने के बाद डॉ. विक्रम ने वर्ष 2013 में इलाहाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन कर लिया। डॉ. विक्रम का आरोप है कि विभाग के कुछ शिक्षकों ने उन्हीं के एक शोधार्थी को अपना मोहरा बनाया। वह शोधार्थी भी डॉ. विक्रम से नाराज चल रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद कुछ दिनों पहले इविवि के केंद्रीय पुस्तकालय के सामने कुछ लोगों ने डॉ. विक्रम को रोककर धमकी दी। कई संगठनों से भी धमकी भरे फोन आए। डॉ. विक्रम का कहना है कि लगातार धमकियां मिलने से उन्हें शहर छोड़ना पड़ा।
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पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार
- धमकियां मिलने के बाद डॉ. विक्रम ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे से अपनी सुरक्षा को लेकर बात की। चीफ प्रॉक्टर ने उन्हें पुलिस के पास जाने की सलाह दी। डॉ. विक्रम के अनुसार उन्होंने एसएसपी से फोन पर बात की है। एसएसपी का कहना है कि पहले वह नोटिस का जवाब दें। बाकी कार्रवाई पुलिस अपने स्तर से करेगी।

शिक्षक ने अपने बयान के लिए मांगी माफी
डॉ. विक्रम ने सेमिनार में दिए गए अपने बयान के लिए माफी मांगी है। उनका कहना है कि मैं केवल विज्ञानवाद, तार्किकता और योग्यता को बढ़ावा देना चाहता हूं। अगर किसी को मेरे शब्दों से चोट पहुंची है तो इसके लिए मैं माफी मांगता हूं और अपने शब्द वापस लेता हूं।
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