प्रयागराज : शुआट्स के कुलाधिपति-कुलपति समेत 12 अफसरों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम रोक
यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता की खंडपीठ ने शुआट्स के अधिकारियों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को खारिज करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली एसएलपी पर सुनवाई करते हुए दिया।
विस्तार
एसटीएफ द्वारा शुआट्स में वित्तीय अनियमितता के मामले में कुलाधिपति ओलिवर जेट्टी, कुलपति आरबी लाल समेत 12 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए आपराधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता की खंडपीठ ने शुआट्स के अधिकारियों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को खारिज करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली एसएलपी पर सुनवाई करते हुए दिया।
मामला प्रयागराज जिले के थाना क्षेत्र नैनी में स्थित शुआट्स का है। फरवरी माह में एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार ने शुआट्स के कुलाधिपति ओलिवर जेट्टी और कुलपति आरबी लाल समेत नामजद 12 लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये के सरकारी अनुदान की वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
शुआट्स के अधिकारियों पर दिन प्रति दिन एसटीएफ का शिकंजा कसता जा रहा था। कुलाधिपति समेत नामजद आरोपियों ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद याचियों ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि शुआट्स में किसी भी प्रकार के सरकारी अनुदान की कोई अनियमितता नहीं की गई है। विशेष संपरीक्षा में उठाई गई आपत्तियों के आधार पर एसटीएफ द्वारा शुआट्स के कुलाधिपति, कुलपति सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रयागराज के नैनी थाने में सरकारी अनुदान के गबन का यह मुकदमा दर्ज कराया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि शुआट्स द्वारा विशेष संपरीक्षा में उठाई गई समस्त आपत्तियों की अनुपालन आख्या प्रेषित की जा चुकी है।
तर्कों को सुनने के बाद इस मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने याचियों को भी आदेश दिया है कि वो पुलिस की विवेचना में सहयोग करेंगे।