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Prayagraj: 'छात्रवृत्ति बंद करने से तालीम से दूर होंगे गरीब बच्चे', सांसद दानिश अली ने पीएम-सीएम को किया ट्वीट
Tue, 29 Nov 2022 10:34 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 29 Nov 2022 10:34 PM IST
सार
आदेश में कहा गया है कि आठवीं तक के विद्यार्थियों की शिक्षा मुफ्त है। इसलिए शिक्षण संस्थान सिर्फ नौंवीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों का फार्म फारवर्ड करें। इसकी वजह से अकेले प्रयागराज में ही 10 हजार से अधिक विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं।
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बसपा सांसद कुंवर दानिश अली
- फोटो : Social Media
विस्तार
पहली से आठवीं तक अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति खत्म करने का विरोध शुरू हो गया है। अमरोहा के बसपा सांसद दानिश अली ने इसे गरीब बच्चों को तालीम से दूर करने वाला निर्णय बताया। केंद्र सरकार ने पहली से आठवीं तक के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति खत्म कर दी है।
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आदेश में कहा गया है कि आठवीं तक के विद्यार्थियों की शिक्षा मुफ्त है। इसलिए शिक्षण संस्थान सिर्फ नौंवीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों का फार्म फारवर्ड करें। इसकी वजह से अकेले प्रयागराज में ही 10 हजार से अधिक विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं। अमर उजाला के रविवार के अंक में इस बाबत प्रकाशित खबर को ट्विटर पर प्रधानमंत्री को टैग करते हुए सांसद दानिश ने आदेश को लेकर नाराजगी जताई है।
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उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को ट्वीट कर लिखा है, ‘सरकार ने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों (कक्षा एक से आठ) को दी जाने वाली छात्रवृत्ति रोक कर इन गरीब बच्चों को तालीम से दूर रखने का नया तरीका खोज निकाला है।’ आगे लिखा है, यह मत भूलिए कि शिक्षित बच्चे चाहे वो किसी भी समुदाय के हों देश को आगे ले जाते हैं।
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शनिवार को आए इस आदेश को लेकर मदरसा संचालकों में भी नाराजगी है। उन्होंने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर छात्रवृत्ति बहाली की मांग की है। इसकी प्रति अन्य अफसरों को भी भेजी गई है। मऊआइमा स्थित मदरसे के प्रधानाचार्य शफिकुर्रहमान का कहना है कि बुधवार को संचालकों का प्रतिनिधिमंडल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से मिलेगा।