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UP : क्वालिटी बार मामले में आजम खान को हाईकोर्ट से मिली जमानत, जेल से जल्द आ सकते हैं बाहर

Thu, 18 Sep 2025 02:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Sep 2025 02:24 PM IST
सार

Azam Khan News : सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खां को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बृहस्पतिवार को बड़ी राहत मिली। रामपुर के चर्चित क्वालिटी बार पर कब्जा के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आजम खां की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। यह मुकदमा 2021 में राजस्व निरीक्षक की तरफ से दर्ज कराया गया था। इसके साथ ही आजम को लगभग सभी मुकदमों में जमानत मिल गई है। अब वह जल्द बाहर आ सकते हैं। 

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SP leader Azam Khan gets major relief from High Court, granted bail in Quality Bar occupation case
सपा नेता आजम खां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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इलाहाबाद हाईकोर्ट से सपा नेता आजम खां को रामपुर के चर्चित क्वालिटी बार पर कब्जा करने के मामले में जमानत मिल गई है। इससे उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने आजम खां की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। आजम खां पर विभिन्न आरोपों में लगभग 96 मुकदमे दर्ज हैं।

आजम के अधिवक्ता मोहम्मद खालिद के मुताबिक उन्हें सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। अगर इस बीच कुछ और नहीं होता है तो जल्द वह जेल से बाहर आ जाएंगे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में एक-दो दिन का समय लग सकता है। सिविल लाइंस थाने में क्वालिटी बार पर कब्जा करने के आरोप में 2019 को सैयद जफर अली जाफरी, डॉ. तंजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आजम पर आरोप लगाया गया कि वह मंत्री रहते 13 मार्च 2014 को सोसाइटी की जमीन पर बने क्वालिटी बार को मात्र 1200 रुपये मासिक किराये पर पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा के नाम आवंटित कर दिया।
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एक और जमीन 300 रुपये प्रति महीने की दर पर डॉ.तंजीन फात्मा को किराये पर दी गई थी। बाद में बेटे अब्दुल्ला आजम को सह किरायेदार के रूप में जोड़ा गया था। विवेचना में पुलिस ने 10 साल बाद आजम खां को भी आरोपी बनाया था। ट्रायल कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की।

आजम के अधिवक्ता इमरान उल्लाह, मोहम्मद खालिद ने दलील दी कि याची को इस मामले में राजनीतिक रंजिश में फंसाया गया है। मुकदमा 2019 में दर्ज हुआ और आजम खान को लगभग 10 साल बाद आरोपी बनाया गया। साथ ही पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए परिवार को जमीन दी गई थी। वहीं, अपर महाधिवक्ता ने दलील दी कि आजम खां का लंबा आपराधिक इतिहास है। घटना के समय वह नगर विकास मंत्री थे। उन्होंने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया है। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद 21 अगस्त 2025 को फैसला सुरक्षित कर लिया था। बृहस्पतिवार को आजम खां को सशर्त जमानत दे दी।

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