Sniffer Dog : नहीं रही 100 मीटर दूर से ही बारूद का पता लगाने वाली गोस्सी
sniffer dog : 15 अगस्त 2019 को गोस्सी जिला पुलिस के डॉग स्क्वॉयड में शामिल हुई थी। इसे हैदराबाद से लाया गया था और पंचकुला में ट्रेनिंग दी गई थी। वर्तमान में यह जिला पुलिस के बेड़े में इकलौती स्निफर थी।
विस्तार
100 मीटर दूर से ही बारूद का पता लगाकर साजिशों को नाकाम करने वाली स्निफर डॉग गोस्सी की बुधवार को मौत हो गई। इसकेसाथ ही जिला पुलिस के साथ लगभग तीन साल पहले जुड़ा उसका नाता खत्म हो गया। वह करीब एक महीने से बीमार चल रही थी। काफी इलाज के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अरैल में अंतिम संस्कार से पहले पुलिस लाइन में उसे नम आंखों से विदाई दी गई। साथ ही बिगुल बजाकर सलामी भी दी गई।
15 अगस्त 2019 को गोस्सी जिला पुलिस के डॉग स्क्वॉयड में शामिल हुई थी। इसे हैदराबाद से लाया गया था और पंचकुला में ट्रेनिंग दी गई थी। वर्तमान में यह जिला पुलिस के बेड़े में इकलौती स्निफर थी। हैंडलर केपी सिंह ने बताया कि इसकी सूंघने की क्षमता ऐसी थी कि 100 मीटर दूर से ही बारूद का पता लगा लेती थी। यही वजह है कि वीआईपी विजिट के दौरान होने वाली सिक्योरिटी के तहत ही इसे मौके पर ले जाया जाता था। यह लैब्राडोर प्रजाति की थी। करीब एक महीने पहले यह पैरालाइज हो गई थी।
इसके बाद से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। इलाज के लिए उसे बरेली भी ले जाया गया लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। मौत के बाद बुधवार को भारद्वाज आश्रम के पास स्थित पशु चिकित्सालय में चार डॉक्टरों के पैनल ने शव का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद शव को पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां उसे सलामी देने केलिए पुलिसकर्मियों के साथ ही अफसर भी जुटे। सीओ लाइन सरवरण टी, आरआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने नम आंखों से उसे विदाई दी। इसके बाद अरैल में ले जाकर उसका दाह संस्कार किया गया।
स्क्वॉयड में अब सिर्फ तीन खोजी कुत्ते
गोस्सी की मौत के बाद अब डॉग स्क्वॉयड में तीन खोजी कुत्ते बचे हैं। इनमें से दो ट्रैकर जबकि एक नारकोटिक्स पदार्थों का पता लगाने वाला है। जबकि चतुर्थ वाहिनी पीएसी की बीडीडीएस टीम के पास दो स्निफर डॉग हैं।