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ई कामर्स कंपनियों के खिलाफ जताई नाराजगी, फूंका पुतला
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Resentment against e-commerce companies, effigy burnt
- फोटो : CITY DESK
ई कामर्स कंपनियों के खिलाफ जताई नाराजगी, फूंका पुतला
प्रयागराज समेत देश के 600 स्थानों पर ई कामर्स कंपनियों के विरोध में हुआ प्रदर्शन
बंद किया जाए ई कामर्स कंपनियों को पोर्टल, अब सोमवार को पीएम को भेजा जाएगा ज्ञापन
प्रयागराज। ई कामर्स कंपनियों के विरोध में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं कई अन्य व्यापारिक संगठनों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान अमेजन और फ्लिपकार्ट कंपनी का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। कैट का दावा है कि ई कामर्स कंपनियों के विरोध में बुधवार को देश भर में 600 स्थानों पर प्रदर्शन हुआ।
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे हुए धरना प्रदर्शन की अगुवाई कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने की। उन्होंने बताया कि तमाम ई कामर्स कंपनियां एफडीआई नीति का खुला उल्लंघन कर खुदरा बाजार को तहस नहस कर रही हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की चेतावनी के बावजूद लागत से कम मूल्य पर माल बेचकर कीमतों को सीधे रूप से प्रभावित किया जा रहा है। इस वजह से देश के सात करोड़ व्यापारी और उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार के 30 करोड़ लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब सोमवार 25 नवंबर को जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन भेजा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुंडेरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि ई कामर्स कंपनियों के खातों की जांच की जाए। इस अवसर पर राजेश गोस्वामी, सत्य प्रकाश मिश्र, सौरभ गुप्ता, विपिन गुप्ता, अजय अवस्थी, विपिन बहल, मनोज अग्रवाल, अनु पांडेय, प्रवीन अग्रवाल, संजय गुप्ता, संदीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
व्यापारियों की प्रमुख मांगे
बंद किए जाएं सभी ई कामर्स कंपनियों के पोर्टल।
ई कामर्स कंपनियों के बिजनेस माडल जांच के लिए बने स्वतंत्र जांच कमेटी।
कैश ऑन डिलेवरी बंद कर डिजिटल पेमेंट के लिए किया जाए संबंधित कंपनियों को बाध्य।
केंद्र सरकार लंबित एफडीआई की नीति की तुरंत करें घोषणा।
एक रेग्युलेटर का गठन करें जो उपभोक्ताओं के हितों की करें रक्षा।
प्रदर्शन में ये संगठन रहे शामिल
इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन, इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन, इलाहाबाद इलेक्ट्रानिक डीलर एसोसिएशन, इलाहाबाद इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्टर एवं मर्चेंट एसोसिएशन, इलाहाबाद मोबाइल एसोसिएशन, मुंडेरा व्यापार मंडल, अल्लापुर व्यापार मंडल, इंदिरा भवन व्यापार मंडल आदि।
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ई कामर्स कंपनियों की वजह से 30 से 40 प्रतिशत की आई गिरावट
ई कामर्स कंपनियों की वजह से पिछले कुछ माह के दौरान शहर के व्यापारियों द्वारा की जाने वाली बिक्री में 30 से 40 फीसदी की गिरावट आई है। इसका सबसे ज्यादा असर मोबाइल एवं इलेक्ट्रानिक ट्रेड में पड़ा है। दिवाली के दौरान ई कामर्स कपंनयिों के ऑफर की वजह से उक्त ट्रेड के कारोबारियों को नुकसान भी हुआ। कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के मुताबिक सेल घटने की मुख्य वजह यह है कि इन कंपनियों द्वारा लागत से कम मूल्य पर माल बेचा जा रहा है। इससे देश में बेरोजगारी भी बढ़ी है। मोबाइल कारोबारी विपिन गुप्ता ने कि इस गलत नीति की वजह से एक अनुमान के मुताबिक देश भर में मोबाइल और कंप्यूटर की 40 हजार दुकानें बंद हो गई है।
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प्रयागराज समेत देश के 600 स्थानों पर ई कामर्स कंपनियों के विरोध में हुआ प्रदर्शन
बंद किया जाए ई कामर्स कंपनियों को पोर्टल, अब सोमवार को पीएम को भेजा जाएगा ज्ञापन
प्रयागराज। ई कामर्स कंपनियों के विरोध में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं कई अन्य व्यापारिक संगठनों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान अमेजन और फ्लिपकार्ट कंपनी का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। कैट का दावा है कि ई कामर्स कंपनियों के विरोध में बुधवार को देश भर में 600 स्थानों पर प्रदर्शन हुआ।
प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे हुए धरना प्रदर्शन की अगुवाई कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने की। उन्होंने बताया कि तमाम ई कामर्स कंपनियां एफडीआई नीति का खुला उल्लंघन कर खुदरा बाजार को तहस नहस कर रही हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की चेतावनी के बावजूद लागत से कम मूल्य पर माल बेचकर कीमतों को सीधे रूप से प्रभावित किया जा रहा है। इस वजह से देश के सात करोड़ व्यापारी और उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार के 30 करोड़ लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब सोमवार 25 नवंबर को जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन भेजा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुंडेरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि ई कामर्स कंपनियों के खातों की जांच की जाए। इस अवसर पर राजेश गोस्वामी, सत्य प्रकाश मिश्र, सौरभ गुप्ता, विपिन गुप्ता, अजय अवस्थी, विपिन बहल, मनोज अग्रवाल, अनु पांडेय, प्रवीन अग्रवाल, संजय गुप्ता, संदीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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व्यापारियों की प्रमुख मांगे
बंद किए जाएं सभी ई कामर्स कंपनियों के पोर्टल।
ई कामर्स कंपनियों के बिजनेस माडल जांच के लिए बने स्वतंत्र जांच कमेटी।
कैश ऑन डिलेवरी बंद कर डिजिटल पेमेंट के लिए किया जाए संबंधित कंपनियों को बाध्य।
केंद्र सरकार लंबित एफडीआई की नीति की तुरंत करें घोषणा।
एक रेग्युलेटर का गठन करें जो उपभोक्ताओं के हितों की करें रक्षा।
प्रदर्शन में ये संगठन रहे शामिल
इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर वेलफेयर एसोसिएशन, इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन, इलाहाबाद इलेक्ट्रानिक डीलर एसोसिएशन, इलाहाबाद इलेक्ट्रिकल कांट्रैक्टर एवं मर्चेंट एसोसिएशन, इलाहाबाद मोबाइल एसोसिएशन, मुंडेरा व्यापार मंडल, अल्लापुर व्यापार मंडल, इंदिरा भवन व्यापार मंडल आदि।
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ई कामर्स कंपनियों की वजह से 30 से 40 प्रतिशत की आई गिरावट
ई कामर्स कंपनियों की वजह से पिछले कुछ माह के दौरान शहर के व्यापारियों द्वारा की जाने वाली बिक्री में 30 से 40 फीसदी की गिरावट आई है। इसका सबसे ज्यादा असर मोबाइल एवं इलेक्ट्रानिक ट्रेड में पड़ा है। दिवाली के दौरान ई कामर्स कपंनयिों के ऑफर की वजह से उक्त ट्रेड के कारोबारियों को नुकसान भी हुआ। कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के मुताबिक सेल घटने की मुख्य वजह यह है कि इन कंपनियों द्वारा लागत से कम मूल्य पर माल बेचा जा रहा है। इससे देश में बेरोजगारी भी बढ़ी है। मोबाइल कारोबारी विपिन गुप्ता ने कि इस गलत नीति की वजह से एक अनुमान के मुताबिक देश भर में मोबाइल और कंप्यूटर की 40 हजार दुकानें बंद हो गई है।