रज्जू भैया राज्य विवि : पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित, 24 विषयों में 535 सीट पर पहली बार होगा दाखिला
विवि और कॉलेजों में आगामी सत्र से पीएचडी कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। मेरिट का निर्धारण लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के आधार पर किया गया है। लिखित परीक्षा के आधार पर कुल 828 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे।
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प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित कर दिया गया। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में 24 विषयों की 535 सीट पर दाखिले होंगे।
विवि और कॉलेजों में आगामी सत्र से पीएचडी कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। मेरिट का निर्धारण लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के आधार पर किया गया है। लिखित परीक्षा के आधार पर कुल 828 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे।
इनके अलावा 368 जेआरएफ अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया था, जिन्हें लिखित परीक्षा से छूट दी गई थी। इस तरह से कुल 1196 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। साक्षात्कार आठ जून तक चला था। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। सफल अभ्यर्थी दो जुलाई तक फीस जमा कर सकते हैं।
दो साल पूर्व जेआरएफ अभ्यर्थी हुए बाहर
दो वर्ष पूर्व जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को प्रोफेसर रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय के पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश से बाहर कर दिया गया है। इनकी फेलोशिप की अवधि समाप्त हो गई है। इसके बावजूद वे प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इसकी वजह से इनके आवेदन पर विचार नहीं किया गया। इसे लेकर उनमें नाराजगी है तथा प्रवेश दिए जाने की मांग की है।
विश्वविद्यालय के पीएचडी पाठ्यक्रम के लिए 368 जेआरएफ अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इन्हें लिखित परीक्षा से छूट दी गई थी। इस प्रावधान के तहत दो वर्ष पूर्व जेआरएफ के लिए क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों ने भी लिखित परीक्षा नहीं दी। जबकि, नेट का रिजल्ट निकलने के बाद दो साल तक वे कहीं पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लेते हैं तो फेलोशिप के हकदार नहीं होंगे। हालांकि, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के लिए क्वालीफाई माने जाएंगे।
इस आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले दो साल पहले जेआरएफ अभ्यर्थियों को परिणाम में शामिल नहीं किया। इस पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन के समय इस तरह की कोई शर्त नहीं रखी गई थी। इसलिए उन्होंने परीक्षा नहीं दी। बाद में यह प्रावधान लागू किया गया है। ऐसे में उन्हें परीक्षा में शामिल करना चाहिए था। उन्होंने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है।
वहीं, कुलपति प्रो. अखिलेश सिंह का कहना है कि दो साल पहले जेआरएफ क्वालीफाई करने वाले फेलोशिप के हकदार नहीं रह गए हैं। इसलिए इनके प्रवेश पर विचार नहीं किया गया। उन्हाेंने फार्म में भी इसका जिक्र नहीं किया था कि वे किस सत्र में जेआरएफ हैं। इन अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा देनी चाहिए थी।
विषय सीटों की संख्या
हिंदी 78
प्राचीन इतिहास 44
संस्कृत 27
अर्थशास्त्र 28
भूगोल 22
समाजशास्त्र 18
दर्शनशास्त्र 14
राजनीति विज्ञान 47
रक्षा अध्ययन 13
समाज कार्य 08
वाणिज्य 22
मध्यकालीन इतिहास 23
अंग्रेजी 31
गणित 11
बॉटनी 29
भौतिकी 20
रसायन विज्ञान 21
जंतु विज्ञान 28
कृषि 07
कृषि मृदा विज्ञान 09
एग्रीकल्चर प्लांट 06
कृषि उद्यान 10
कृषि अर्थशास्त्र 13
गृह विज्ञान 06