शंकराचार्य बोले : राजनैतिक दल संतों को पहले अपना प्रचारक बनाते हैं, बाद में मौनी बाबा, जैसे श्रीश्री और रामदेव
पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने यह बातें शनिवार को अपने शिवगंगा आश्रम में प्रवास के पांंचवे दिन भक्तों के प्रश्न के जवाब में कहीं। उनके प्रवास के आखिरी दिन आश्रम परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। रविवार को पुरी शंकराचार्य यहां से मधुबनी बिहार के लिए प्रस्थान करेंगे।
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गोवर्धनमठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि राजनैतिक दल पहले संतों को अपना प्रचारक और बाद में मौनी बाबा बना देते हैं। कहा कि श्रीश्री रविशंकर और योग गुरू बाबा रामदेव के साथ कुछ ऐसा ही किया गया है। पहले राजनैतिक दल ने उनका भरपूर इस्तेमाल किया। शासन सत्ता पाते ही उन्हें मौनी बाबा बना दिया गया।
पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने यह बातें शनिवार को अपने शिवगंगा आश्रम में प्रवास के पांंचवे दिन भक्तों के प्रश्न के जवाब में कहीं। उनके प्रवास के आखिरी दिन आश्रम परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। रविवार को पुरी शंकराचार्य यहां से मधुबनी बिहार के लिए प्रस्थान करेंगे। अगले माह के प्रथम सप्ताह में उनका आगमन एक बार फिर प्रयागराज होगा।
गोवर्धनमठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने आगे कहा कि यह तो राजनीति का पुराना खेल है। इससे साधु-संतों को सावधान रहना चाहिए। बाबा बागेश्वर धाम पर किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि इस वक्त भाजपा उनका अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही है। कहा कि भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की दिशा में कोई भी श्रेय ले, मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
बाबा बागेश्वर भाजपा के प्रचार के लिए बिहार गए
कहा कि कुछ रोज पहले बाबा बागेश्वर भाजपा के प्रचार के लिए बिहार गए थे। उन्होंने खुद ही अपने को घोषित कर दिया कि वह भाजपा के प्रचारक हैं। यह तो अब सर्वविदित हो चुका है। बिहार में वह भाजपा के नेताओं से घिरे हुए थे। कहा कि श्रीश्री रविशंकर को मोदी जी ने पहले अपना प्रचारक बनाया। चुनाव जीतने के बाद वह कहां चले गए, पता नहींं। बाबा रामदेव को भी भाजपा ने अपना प्रचारक बना दिया।
शासन सत्ता मिलने के बाद दोनों कहां गए, किसी को पता नहीं। दोनों को अब मौनी बाबा बना दिया गया है। कहा कि शासनतंत्र की यह दृव्य संधि और कूटनीति होती है कि कोई वर्चस्व को प्राप्त हो रहा है तो उसे अपना बनाकर प्रचारक बना लो। दो हजार की नोट बंद किए जाने के सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अच्छी टीम की कमी नहीं है। उनकी विशेषता यह है कि कोई गलत कदम उठ भी जाए तो उनमें संभलने की क्षमता है।
कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले वह मेरे पास आए और तकरीबन 45 मिनट तक बैठे थे। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अर्थशास्त्रियों का परामर्श लेकर कोई कदम उठाएं तो अच्छा है। इस मौके पर सुरेश सिंह, पार्षद शिवनारायण यादव घुन्नू, विजय सिंह, विवेक मिश्र, राजीव मिश्र राणा, नीरज मिश्र, दीपक शुक्ल, दिनेश पांडेय, दिव्यकांत, आयुष सिंह आदि मौजूद रहे।