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पुणे साथ चलने का ऑफर मिला तो भूल गए विरोध
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 28 Jun 2015 03:07 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। मुफ्त में सैर-सपाटे का मौका कौन हाथ से जाने देगा, शनिवार को भाजपा पार्षदों के साथ ऐसा ही हुआ, जब वे महापौर, छह अफसर और सात पार्षदों के पुणे (महाराष्ट्र) के पिंपरी चिंचवड दौरे का नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय के सामने विरोध करने पहुंचे। भाजपा पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल के सामने नगर आयुक्त ने दौरे में तीन पार्षदों के शामिल होने का ऑफर रखा तो वे पिघल गए और टैक्स, सफाई व्यवस्था के अध्ययन के नाम पर धन की बर्बादी के लिए होने वाले दौरे में वह भी शामिल हो गए।
भाजपा पार्षद दल के नेता सदन गिरीशंकर प्रभाकर के नेतृत्व में पार्षद भोला तिवारी, गणेश केसरवानी, सत्येंद्र चोपड़ा, किरन जायसवाल, संजय गुप्ता, चंद्रभूषण सिंह, आनंद सिंह, आशा तिवारी, पुष्पा कुशवाहा, सोनिका अग्रवाल, बबलू सोनकर और पूर्व पार्षद अवधेश गुप्ता शनिवार को दिन में नगर आयुक्त से उनके कार्यालय में मिले और फिजूलखर्जी का आरोप लगाते हुए दौरे का विरोध किया। पार्षदों ने पूर्व में हुए दौरों का जिक्र किया और कहा कि उनसे निगम और शहर को कोई फायदा नहीं हुआ।
पार्षदों ने गुपचुप तरीके से पिंपरी चिंचवड दौरे की योजना बनाने का भी विरोध किया। कहा कि अगर किसी शहर की व्यवस्था के अध्ययन के लिए प्रतिनिधिमंडल जाना ही था तो उसके लिए कार्यकारिणी और सदन में निर्णय होना चाहिए था। हालांकि ऐसा न होने पर नगर आयुक्त ने गलती मानी, लेकिन इसी बीच नगर आयुक्त ने पार्षदों के सामने भी पिंपरी चिंचवड के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का ऑफर रख दिया और भाजपा के तीन पार्षदों को इसमें शामिल करने के लिए कहा। कुछ देर विचार-विमर्श के बाद पार्षदों ने सोनिका अग्रवाल, संजय गुप्ता और चंद्रभूषण सिंह का नाम प्रस्तावित कर दिया। इसके बाद विरोध करने आए पार्षद चेहरे पर मुस्कान लेकर वापस लौट गए। हालांकि बाद में पार्षद सोनिका अग्रवाल ने दौरे पर जाने से इंकार कर दिया।
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भाजपा पार्षद दल के नेता सदन गिरीशंकर प्रभाकर के नेतृत्व में पार्षद भोला तिवारी, गणेश केसरवानी, सत्येंद्र चोपड़ा, किरन जायसवाल, संजय गुप्ता, चंद्रभूषण सिंह, आनंद सिंह, आशा तिवारी, पुष्पा कुशवाहा, सोनिका अग्रवाल, बबलू सोनकर और पूर्व पार्षद अवधेश गुप्ता शनिवार को दिन में नगर आयुक्त से उनके कार्यालय में मिले और फिजूलखर्जी का आरोप लगाते हुए दौरे का विरोध किया। पार्षदों ने पूर्व में हुए दौरों का जिक्र किया और कहा कि उनसे निगम और शहर को कोई फायदा नहीं हुआ।
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पार्षदों ने गुपचुप तरीके से पिंपरी चिंचवड दौरे की योजना बनाने का भी विरोध किया। कहा कि अगर किसी शहर की व्यवस्था के अध्ययन के लिए प्रतिनिधिमंडल जाना ही था तो उसके लिए कार्यकारिणी और सदन में निर्णय होना चाहिए था। हालांकि ऐसा न होने पर नगर आयुक्त ने गलती मानी, लेकिन इसी बीच नगर आयुक्त ने पार्षदों के सामने भी पिंपरी चिंचवड के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का ऑफर रख दिया और भाजपा के तीन पार्षदों को इसमें शामिल करने के लिए कहा। कुछ देर विचार-विमर्श के बाद पार्षदों ने सोनिका अग्रवाल, संजय गुप्ता और चंद्रभूषण सिंह का नाम प्रस्तावित कर दिया। इसके बाद विरोध करने आए पार्षद चेहरे पर मुस्कान लेकर वापस लौट गए। हालांकि बाद में पार्षद सोनिका अग्रवाल ने दौरे पर जाने से इंकार कर दिया।
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