PRSU : स्नातक में प्रवेश के साथ कौशल विकास के 19 विकल्प, हर विद्यार्थी के लिए एक पाठ्यक्रम अनिवार्य
विद्यार्थियों को पहले सेमेस्टर में इन 19 व्यावसायिक/कौशल विकास पाठ्यक्रमों में किसी एक को अनिवार्य रूप से चुनना होगा। पहले दो सेमेस्टर यानी प्रथम वर्ष में कोई एक पाठ्यक्रम और इसके बाद अगले दो सेमेस्टर यानी द्वितीय वर्ष में किसी दूसरे पाठ्यक्रम को विकल्प के रूप में चुनना होगा।
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प्रो.राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय और इसके संघटक महाविद्यालयों में स्नातक में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्नातक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्नातक के विषयों से इतर कौशल विकास के भी 19 विकल्प मिलेंगे, जिनमें से उन्हें कोई एक चुनना होगा। कौशल विकास के पाठ्यक्रम रोजगारपरक होंगे।
स्नातक में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी कौशल विकास पाठ्यक्रमों के रूप में बेसिक ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन, बेसिक ऑफ माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, बेसिक ऑफ डिफेंस जर्नलिज्म, कम्युनिकेशन स्किल्स, प्रोफेशनल काउंसलिंग एंड कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट, पत्रकारिता एवं जनसंचार, योग एवं फिटनेस, योर गाइड, सृजनात्मक लेखन, संगणक एवं ज्योर्तिविज्ञान, राजनीतिक पत्रकारिता, कंप्यूटर एप्लीकेशन, गार्डनिंग, रिमोट सेंसिंग, प्रोफेशनल एथिक्स, प्रेजेंटेशन स्किल्स एवं फूड प्रोसेसिंग की पढ़ाई भी कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को पहले सेमेस्टर में इन 19 व्यावसायिक/कौशल विकास पाठ्यक्रमों में किसी एक को अनिवार्य रूप से चुनना होगा। पहले दो सेमेस्टर यानी प्रथम वर्ष में कोई एक पाठ्यक्रम और इसके बाद अगले दो सेमेस्टर यानी द्वितीय वर्ष में किसी दूसरे पाठ्यक्रम को विकल्प के रूप में चुनना होगा। कौशल विकास के इन पाठ्यक्रमों को अनिवार्य रूप से लागू किए जाने के पीछे यही उद्देश्य है कि विद्यार्थी स्नातक में अपने विषयों की पढ़ाई के साथ अपने कौशल को भी निखार सकें।
कौशल विकास के पाठ्यक्रमों का फायदा न केवल विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश वाले विद्यार्थियों, बल्कि राज्य विवि के 703 संघटक महाविद्यालयों में भी दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि संघटक महाविद्यालय कौशल के विकास के इन 19 पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त अन्य पाठ्यक्रमों को भी लागू कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें विश्वविद्यालय से अनुमति लेनी होगी। कौशल विकास के पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।