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मात्र 31 केंद्रों पर शुरू हो पाई गेहूं की खरीद
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सरकारी क्रय केंद्रों पर बुधवार से गेहूं खरीद शुरू हुई लेकिन आधी-अधूरी तैयारियों के साथ। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि मात्र 31 केंद्रों पर ही गेहूं की खरीद शुरू हो पाई। आठ में से चार संस्थाओं के तो एक भी केंद्र नहीं खुले। पहले दिन किसानों में भी बहुत उत्साह नहीं दिखा तथा कुल 1347 क्ंिवटल गेहूं ही केेंद्रों पर पहुंचा। इनमें भी 1120 क्ंिवटल गेहूं की खरीद खाद्य विभाग के 22 केंद्रों पर हुई।
जिले में कुल 78 केंद्र चिह्नित किए गए हैं। इनमें से सिर्फ खाद्य विभाग के ही सभी 22 केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो पाई। इनके अलावा पीसीएफ के 20 में से पांच केंद्रों पर 102 क्ंिवटल, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच में से दो पर 85 क्ंिवटल तथा यूपी एग्रो के सात में से दो केंद्रों पर 40 क्ंिवटल गेहूं की खरीद हुई। पीसीयू, नैफेड, यूपीएसएस और एफसीआई के किसी केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हुई। उधर, मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार ने बैठक में गेहूं की खरीद की बाबत अफसरों से जानकारी ली। उन्होंने केंद्रों पर बोरे, तौल समेत अन्य जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए। उनका कहना था कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मौसम की मार, कमजोर हो गए गेहूं के दाने
मौसम की मार किसानों पर आगे भी भारी पड़ती दिख रही है। गेहूं की पैदावार काफी कमजोर हो गई है। स्थिति यह है कि मानक से भी पतले दानों की वजह से गेहूं खरीद को लेकर संकट खड़ा होने की आशंका बन गई है। अफसरों का कहना है कि इस बार पैदावार में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की जो उपज हुई है वह भी काफी कमजोर है। फसल जमीन पर गिरने की वजह से गेहूं के दाने काफी पतले हो गए हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के लिए जरूरी है कि सिकुडे एवं टूटे दानों की मात्रा छह प्रतिशत से अधिक न हो। इसके विपरीत क्रय केंद्रों पर अभी जो गेहूं पहुंचा है वह काफी पतला है। अफसरों का कहना है कि बुधवार को पहला दिन था। इसलिए मानक का ध्यान दिए बगैर गेहूं की खरीद शुरू हो गई लेकिन एफसीआई की ओर से आनाकानी की गई तो गेहूं की खरीद प्रभावित हो जाएगी।
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जिले में कुल 78 केंद्र चिह्नित किए गए हैं। इनमें से सिर्फ खाद्य विभाग के ही सभी 22 केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो पाई। इनके अलावा पीसीएफ के 20 में से पांच केंद्रों पर 102 क्ंिवटल, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच में से दो पर 85 क्ंिवटल तथा यूपी एग्रो के सात में से दो केंद्रों पर 40 क्ंिवटल गेहूं की खरीद हुई। पीसीयू, नैफेड, यूपीएसएस और एफसीआई के किसी केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हुई। उधर, मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार ने बैठक में गेहूं की खरीद की बाबत अफसरों से जानकारी ली। उन्होंने केंद्रों पर बोरे, तौल समेत अन्य जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए। उनका कहना था कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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मौसम की मार, कमजोर हो गए गेहूं के दाने
मौसम की मार किसानों पर आगे भी भारी पड़ती दिख रही है। गेहूं की पैदावार काफी कमजोर हो गई है। स्थिति यह है कि मानक से भी पतले दानों की वजह से गेहूं खरीद को लेकर संकट खड़ा होने की आशंका बन गई है। अफसरों का कहना है कि इस बार पैदावार में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की जो उपज हुई है वह भी काफी कमजोर है। फसल जमीन पर गिरने की वजह से गेहूं के दाने काफी पतले हो गए हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के लिए जरूरी है कि सिकुडे एवं टूटे दानों की मात्रा छह प्रतिशत से अधिक न हो। इसके विपरीत क्रय केंद्रों पर अभी जो गेहूं पहुंचा है वह काफी पतला है। अफसरों का कहना है कि बुधवार को पहला दिन था। इसलिए मानक का ध्यान दिए बगैर गेहूं की खरीद शुरू हो गई लेकिन एफसीआई की ओर से आनाकानी की गई तो गेहूं की खरीद प्रभावित हो जाएगी।