Prayagraj weather : बादलों ने बांटे मोहल्ले, कहीं गरजे, कहीं बरसे, अगले तीन दिन तक बारिश के आसार
लंबे इंतजार के बाद मंगलवार शाम बादल जोरदारी से उमड़े तो शहरवासी बारिश की उम्मीद में उत्साहित हो उठे। यह खुशी थोड़ी देर ही रही। पता चला कि बादल अलग-अलग मोहल्लों में बंट गए। बुधवार को भी कई मुहल्लों में हल्की बूंदाबांदी हुई।
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लंबे इंतजार के बाद मंगलवार शाम बादल जोरदारी से उमड़े तो शहरवासी बारिश की उम्मीद में उत्साहित हो उठे। यह खुशी थोड़ी देर ही रही। पता चला कि बादल अलग-अलग मोहल्लों में बंट गए। कहीं-कहीं जमकर बरसे, कहीं गरज कर ही चले गए। शहर पश्चिमी व उत्तरी में झमाझम बारिश हुई। दक्षिणी क्षेत्र में कहीं सूखा रहा, तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि मौसम बदलने से शहर के बड़े हिस्से में गर्मी से थोड़ी राहत मिली। वर्ष 2025 में मानसून की पहली बारिश 21 जून को हुई थी। इस बार जून के अंतिम दिन मानसून का आगाज हुआ है। बुधवार को भी कई मुहल्लों में हल्की बूंदाबांदी हुई।
मंगलवार को सुबह से शाम तक आसमान में बादलों का जमावड़ा रहा। बारिश न होने की वजह से उमस लोगों पर हावी रही। हालांकि बादलों के रहने से सूरज की तपिश का असर कम हुआ। अन्य दिनों की अपेक्षा मंगलवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक बारिश के आसार जताए हैं।
यहां हुई भरपूर बारिश शहर पश्चिमी के बमरौली, मुंडेरा, सुलेम सरांय, राजरूपपुर, सूबेदारगंज, धूमनगंज, चकिया, लूकरगंज, कालिंदीपुरम, हिम्मतगंज, खुल्दाबाद, जानसेनगंज व चौक सहित अन्य इलाकों में डेढ़ घंटे तक बारिश होती रही। इस दौरान कभी तेज, कभी धीमी बारिश हुई।
यहां सिर्फ बूंदाबांदी
दारागंज, अतरसुईया, नैनी व कटरा व शिवकुटी सहित कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। बाकी क्षेत्र में सूखा रहा।
कीचड़ से सड़कों पर बढ़ी फिसलन
बारिश की वजह से मुंडेरा, लूकरगंज मछली चौराहा, डीएसए ग्राउंड चौराहा, हिम्मतगंज, खुल्दाबाद, करैली, करेलाबाग, जानसेनगंज व चौक में जलभराव हो गया। हल्की बारिश वाले मोहल्लों राजापुर, सीएमपी कॉलेज के पास ट्रांसपोर्ट नगर, जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन में कीचड़ की वजह से सड़काें पर फिसलन बढ़ गई।
बुधवार को बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। -डॉ. शैलेष राय, मौसम विशेषज्ञ, इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
घमौरियों ने किया परेशान
भीषण गर्मी की वजह से इन दिनों घमौरियों की समस्या बढ़ रही है। ज्यादा उमस की वजह से पसीना रुकने का नाम नहीं ले रहा। ऐसे में त्वचा रोग बढ़ रहे हैं। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के त्वचा रोग विभाग में रोजाना 50 से अधिक मरीज घमौरी की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इन मरीजों को शरीर पर छोटे लाल दाने, खुजली और चुभन की समस्या हो रही है। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शेखर का कहना है कि घमौरियां गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से होती हैं। राहत पाने के लिए त्वचा को ठंडा और सूखा रखना जरूरी है।