Prayagraj : आईईआरटी में फेल छात्रों का हंगामा, परीक्षा में जबरन अनुत्तीर्ण करने का आरोप
हंगामें की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अफसर पहुंच गए। लगभग दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद किसी तरह पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने समझा बुझाकर छात्रों का शांत कराया। परिसर में एहतियातन पुलिस फोर्स पूरे दिन तैनात रही।
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इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी (आईईआरटी) में बुधवार को डिप्लोमा के छात्रों का सेमेस्टर परीक्षा में बड़ी संख्या में बैक और ईयर बैक लगाए जाने से गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जुटे छात्रों ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर तालाबंदी का प्रयास किया। कुछ छात्रों ने बगल स्थित पानी टंकी पर चढ़ने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस और प्रशासन के अफसरों नें उन्हें समझाकर नीचे उतार लिया।
हंगामें की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अफसर पहुंच गए। लगभग दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद किसी तरह पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने समझा बुझाकर छात्रों का शांत कराया। परिसर में एहतियातन पुलिस फोर्स पूरे दिन तैनात रही।
प्रदर्शन में शामिल डिप्लोमा छात्रों का आरोप था कि छह महीने का पाठ्यक्रम दो महीने में पूरा कराया गया। उसमें भी ठीक से कक्षाएं नहीं चली हैं। इसका पाठ्यक्रम गूगल या यूट्यूब पर भी उपलब्ध नहीं है कि बच्चे तैयारी कर सकें। अब आईईआरटी प्रशासन इवेन सेमेस्टर की परीक्षा की तैयारी कर रहा है। जबकि अभी बीस प्रतिशत भी पाठ्यक्रम पूरा नहीं पढ़ाया गया है। छात्रों का आरोप था कि स्क्रूटनी का कोई मतलब नहीं है।
कापियों का फिर से मूल्यांकन किया जाए। सभी अध्यापकों का उनका विषय पढ़ाने के लिए आवंटित किया जाए। विद्यार्थियों का आरोप था कि आईईआरटी प्रशासन ने परीक्षा के बाद मूल्यांकन में जानबूझकर बच्चों को फेल किया है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का बैक और ईयर बैक नहीं लगता। हंगामें की सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस और प्रशासन के अफसर पहुंच गए। विद्यार्थियों से बातचीत के बाद अफसरों ने आईईआरटी प्रशासन से वार्ता की।
इसके बाद छात्रों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाए। इस पर छात्रों का गुस्सा शांत हुआ। तब जाकर परिसर का माहौल शांत हुआ। एहतियातन पुलिस फोर्स परिसर में तैनात रही। आईईआरटी निदेशक विमल मिश्र का कहना है कि छात्रों से कहा गया है कि वह अपनी समस्या लिखित रूप में दे। इसे कमेटी के सामने रखा जाएगा। इसके बाद कोई उचित निर्णय लिया जाएगा।
छात्र के नस काटने की रही चर्चा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि परीक्षा में फेल होने से परेशान होकर एक छात्र ने अपने हाथ की नस काट ली है। वहीं पुलिस का कहना है कि एक छात्र के हाथ में मामूली जख्म था। उसे अस्पताल ले जाने की भी जरूरत नहीं पड़ी।