प्रयागराज : इमामबाड़े की जमीन पर बने शॉपिंग कॉम्पलेक्स की दर्जनों दुकानें ध्वस्त, बाहुबली अतीक की शह पर हुआ था कब्जा
- अतीक की शह पर वक्फ की जमीन हुई था अवैध निर्माण, पीडीए ने पूर्व में पारित ध्वस्तीकरण आदेश पर दूसरी बार किया अमल, तीन मंजिला निर्माण आठ घंटे में नहीं टूटा, आज भी होगी कार्रवाई
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कोतवाली के चौक बताशा मंडी स्थित गुलाम हैदर इमामबाड़े की जमीन पर बने शॉपिंग कॉम्पलेक्स की करीब तीन दर्जन दुकानों को ध्वस्त करा दिया। पीडीए प्रवर्तन दल ने करीब आठ घंटे तक चली कार्रवाई में भी अवैध निर्माण पूरी तरह से नहीं तोड़ा जा सका। तीन मंजिला कॉम्पलेक्स के ध्वस्तीकरण के लिए पोकलैंड मशीन मंगाई गई थी। पीडीए अफसरों के मुताबिक अतीक अहमद की शह पर इमामबाड़े की जमीन पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध निर्माण कराया गया था।मार्च में पोकलैंड मशीन न मिलने के कारण रोक दिया गया था। कॉम्पलेक्स का अगला हिस्सा ही ध्वस्त किया जा सका था।
पीडीए की टीम प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक कुमार पांडेय, एसडीएम जोनल अधिकारी शिवानी सिंह के नेतृत्व में सुबह नौ बजे मौके पर पहुंचा। कई थानों की पुलिस और पीएसी बल को भी बुलाया गया था। लोकनाथ से ऊंचामंडी फिर बहादुरगंज तक सड़क पर यातायात रोककर दस बजे ध्वस्तीकरण शुरू किया गया, जो शाम पांच बजे तक चला। जेसीबी के साथ पोकलैंड मशीन से सामने और ऊपरी हिस्सा तोड़ा जाने लगा।
अगल-बगल के मकान सुरक्षित रहें, इसलिए दीवारों से सटे पिलर प्रथम तल स्तर पर नहीं छेड़े गए। मौके पर पुलिस के रोकने के बावजूद तमाशबीनों की भीड़ लगी रही। आसपास की दुकानें खुली रहीं, लेकिन ग्राहक कम रहे। जोनल अफसर शिवानी सिंह के मुताबिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण बिना नक्शा पास कराए अवैध ढंग से कराया गया था। पूर्व में पारित ध्वस्तीकरण आदेश के तहत अवैध निर्माण ध्वस्त कराया जा रहा है। कई घंटे कार्रवाई के बाद भी कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को पीडीए दल शेष अवैध निर्माण ध्वस्त कराएगा।
पीडीए के ध्वस्तीकरण के पीछे की कहानी भी सामने आ रही रही। चर्चा रही कि मोहर्रम कमेटी से जुटे कुछ लोगों ने अवैध निर्माण ध्वस्त कराए जाने के संबंध में प्रार्थनापत्र दिया था। इसी क्रम में इस अधूरी कार्रवाई को पूरा कर इमामबाड़े को पूरी तरह से खोलने की तैयारी है। मोहर्रम पर यहां मजलिस भी हो सकती है। जिसके लिए कोविड प्रोटोकॉल के तहत अनुमति भी जरूरी होगी। कमेटी के लोग खाली हो रही जमीन पर इमामबाड़े तक पहुंचने के लिए लोहे की सीढ़ी बनाने की तैयारी में हैं। बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद दुकानों के पीछे छिपा इमामबाड़ा कई साल बाद दिखने लगा है।
कॉम्पलेक्स में हैं 60 से ज्यादा दुकानें, कीमत दस करोड़ से अधिक
वक्फ बोर्ड की करीब पांच सौ वर्ग मीटर जमीन पर बने अवैध शॉपिंग कॉम्पलेक्स की कीमत दस करोड़ से अधिक आंकी गई है। वर्ष 2015 में जैन बिल्डर ने इसका निर्माण कराया था। अफसरों का कहना है कि माफिया अतीक की शह पर मुतवल्ली और चेयरमैन आदि ने यह अवैध निर्माण कराया।
सीबीआई कर रही जांच, पूर्व चेयरमैन पर दर्ज हुआ था केस
चौक बताशा मंडी (त्रिपौलिया) स्थित जिस गुलाम हैदर इमामबाड़े की जमीन पर अवैध शॉपिंग कॉप्लेक्स की दुकानें ध्वस्त कराई गईं, उससे संबंधित मामले की जांच सीबीआई कर रही है। यूपी शिया बोर्ड के चेयरमैन रहे वसीम रिजवी के खिलाफ पिछले वर्ष नवंबर में सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने अलग-अलग मामलों में केस दर्ज कराया था। इनमें एक गुलाम हैदर इमामबाड़े की जमीन पर हुए अवैध निर्माण से भी संबंधित है।
पीडीए की रोक, सीलिंग कार्रवाई के बाद भी कराया था निर्माण
गुलाम हैदर इमामबाड़े की जमीन वक्फ संपत्ति है। मौके पर अवैध निर्माण को रोकने के लिए पीडीए ने कई बार चालान, नोटिस, सीलिंग की कार्रवाई की, लेकिन निर्माण जारी रहा। मामले में पीडीए के जेई ने 26 अगस्त 2016 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें शिया वक्फ बोर्ड के उस वक्त चेयरमैन रहे वसीम रिजवी को नामजद किया गया था।