Prayagraj News : वंदे भारत समेत तीन ट्रेनें निरस्त, पटना-आनंद विहार 25 घंटे लेट
घने कोहरे का असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। कई घंटे तक इंतजार के बाद भी साधन न मिलने के कारण लोग ठिठुरते हुए रेलवे स्टेशन और रोडवेज स्टैंड पर इंतजार करने के लिए बाध्य हैं। कोहरे के कारण यात्रियों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।
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वाराणसी के लंका निवासी अभिषेक पांडेय अपने भाई और भाभी के साथ नया साल मनाने आनंद विहार जा रहे हैं। मुगलसराय में ट्रेन नहीं मिली तो प्रयागराज आ गए। यहां जंक्शन पर वह सुबह से अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। पता चला कि जिस पटना-आनंद विहार एक्सप्रेस से उन्हें जाना है, वह 25 घंटे विलंब से चल रही है। इसी तरह आरा-आनंद विहार 20 घंटे लेट तो 12424 राजधानी एक्सप्रेस भी 2:30 ढाई घंटा विलंबित रही।
शुक्रवार को वाराणसी से दिल्ली जाने वाली वंदे बारत दृश्यता ठीक न होने की वजह से निरस्त कर दी गई। इसी तरह लिच्छवी एक्सप्रेस और प्रथम स्वतंता सेनानी एक्सप्रेस भी निरस्त रहीं। जबकि, दर्जन भर से अधिक ट्रेने 5:30 से 25 घंटे तक लेट चलती रहीं। चेन्नई से अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए अपनी पुत्री कृष्णावेणी को लेकर आईं सुचित्रा भी अपनी ट्रेन का इंतजार करते थक गईं।
अधिकांश ट्रेनें विलंब से पहुंचीं
यशवंतनगर एक्सप्रेस के इंतजार में वह प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्री प्रतीक्षालय में अपनी परेशानी गिनाती रहीं। इसी तरह आजमगढ़ के दयालाल सोनकर अपन पत्नी और बहू के साथ जयपुर जाने के लिए निकले थे, लेकिन पांडिचेरी से नई दिल्ली जाने वाली उनकी ट्रेन पांच घंटे विलंबित रही। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 5:30 घंटा,पूर्वा एक्सप्रेस चार घंटा, कोलकाता -राजधानी 2:30 घंटा, नई दिल्ली से कोणार्क जाने वाली बीबीएस राजधानी 6:30 घंटा, नई दिल्ली से राजददेंद्र नागर राजधानी 2:45 घंटा और चोपन-प्रयागराज एक्सप्रेस तीन घंटे विलंब से चलती रही। इससे सैकड़ों यात्री इस कड़ाके की ठंड में परेशान रहे।
दिल्ली रूट की अधिकांश ट्रेनें घंटों देरी से यहां पहुंचीं। ट्रेनों के विलंब से आने की वजह से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। शुक्रवार को वंदे भारत डेढ़ घंटे की देरी से आई। प्रयागराज एक्सप्रेस साढ़े चार घंटा देरी से सुबह सात बजे की जगह 11.27 बजे व हमसफर एक्सप्रेस चार घंटा देरी से सुबह 6.20 की जगह सुबह 10.20 बजे प्रयागराज पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही कड़ाके की ठंड में रातें गुजारनी पड़ रही है।
50 प्रतिशत यात्री होने पर ही चलीं बसें
यूपी रोडवेज ने भी बसों के अतिरिक्त फेरे न लगाने का निर्णय लिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी ने कहा कि रात वाली बसें तभी चलाई जाएंगी जब उसमें 50 प्रतिशत से अधिक यात्री हों। चालकों से यह भी कहा है कि अगर कोहरा घना होता है तो बस को सड़क किनारे किसी सुरक्षित स्थान या किसी ढाबे आदि पर खड़ा किया जाए।