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जनहित में जीएसटी के दायरे में हों पेट्रोलियम उत्पाद: रेवती रमण
Tue, 16 Jun 2020 12:14 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 16 Jun 2020 12:14 AM IST
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- फोटो : prayagraj
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राज्यसभा सांसद रेवती रमण ने लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विश्व में विकसित और विकासशील देशों में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां पेट्रोलियम उत्पादों पर सबसे ज्यादा टैक्स है। इसी वजह से इनके दाम ज्यादा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को सिर्फ अपने खजाने का ध्यान है, जनता की तकलीफों से उसका कोई वास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनहित में पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगातार कच्चे तेल के दाम गिर रहे हैं, बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों पर विभिन्न मदों में करीब 69 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है, इसी वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।
सांसद के प्रतिनिधि रहे पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि लॉक डाउन अवधि का सरकार प्रतिमाह दो सौ यूनिट बिजली का बिल माफ करे। सरकार बयानबाजी कर रही है, धरातल पर जनहित के काम नहीं किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जनहित में पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगातार कच्चे तेल के दाम गिर रहे हैं, बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों पर विभिन्न मदों में करीब 69 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है, इसी वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।
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सांसद के प्रतिनिधि रहे पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि लॉक डाउन अवधि का सरकार प्रतिमाह दो सौ यूनिट बिजली का बिल माफ करे। सरकार बयानबाजी कर रही है, धरातल पर जनहित के काम नहीं किए जा रहे हैं।
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