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यूपी: 'मेरा दिमाग मुझे डराता है, जिंदगी तबाह कर रहा', 8 पेज के नोट में लिखीं ये बातें; नीट में हुआ चयन; दी जान
Wed, 04 Nov 2026 10:43 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 04 Nov 2026 10:43 AM IST
सार
प्रयागराज में 18 वर्षीय नीट छात्रा ऋतु शर्मा ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, नीट काउंसलिंग में दूसरे राउंड तक चयन न होने से वह निराश थी। उधर, सोमवार दोपहर जारी नीट काउंसलिंग के तीसरे राउंड की सूची में छात्रा को सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। छात्रा ने आठ पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है।
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Prayagraj NEET Student Dies
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिनभर मेरे दिमाग में परेशान करने वाले ख्याल आते हैं। मैं ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रही हूं। एक ही चीज को बार-बार दोहराती हूं। ऐसा नहीं करने पर मेरा दिमाग डराता है कि कुछ बुरा हो जाएगा। अब मैं थक चुकी हूं। ये अनचाहे विचार मेरी जिंदगी पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।
ये बातें त्रिवेणीपुरम में सोमवार को आत्महत्या करने वाली 18वर्षीय नीट छात्रा रितु शर्मा के आठ पेज के सुसाइड नोट में लिखी मिली हैं। मेडिकल में चयन होने के बावजूद वह लंबे समय से मानसिक परेशानी से जूझ रही थी।
सुसाइड नोट में ऋतु ने लिखा है कि वह पिछले दो वर्षों से ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) जैसी समस्या से परेशान थी। इसकी शुरुआत 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान हुई थी।
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ये बातें त्रिवेणीपुरम में सोमवार को आत्महत्या करने वाली 18वर्षीय नीट छात्रा रितु शर्मा के आठ पेज के सुसाइड नोट में लिखी मिली हैं। मेडिकल में चयन होने के बावजूद वह लंबे समय से मानसिक परेशानी से जूझ रही थी।
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सुसाइड नोट में ऋतु ने लिखा है कि वह पिछले दो वर्षों से ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) जैसी समस्या से परेशान थी। इसकी शुरुआत 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान हुई थी।
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शुरुआत में उसे समझ नहीं आता था कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। वह इसे सामान्य ओवरथिंकिंग और एंग्जायटी समझती थी। कुछ सप्ताह पहले इंटरनेट पर इसके बारे में पढ़ने के बाद उसे अपने अनुभव ओसीडी के लक्षणों से मिलते-जुलते लगे।
उसने लिखा कि पढ़ाई के दौरान उसके दिमाग में बार-बार अनचाहे विचार और शंकाएं आती थीं। किसी विषय को अच्छी तरह पढ़ लेने के बाद भी मन उसे दोबारा पढ़ने और समझने के लिए मजबूर करता था। ऐसा नहीं करने पर परीक्षा में गलती होने या असफल होने का डर सताता था। वह बार-बार चीजें दोहराती और चेक करती थी।
ऋतु के आठ पेज के सुसाइड नोट में उसने खुद को असहाय, कमजोर और आत्मविश्वास की कमी से घिरा हुआ महसूस करने की बात भी लिखी। उसे लगता था कि वह दूसरों से पीछे रह गई है और जीवन के लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगी। उसने सवाल किया कि आखिर उसके साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है। वह सामान्य जिंदगी जीना, शांत दिमाग से पढ़ाई करना और अपने कॅरिअर के लक्ष्य हासिल करना चाहती थी।
तीसरी काउंसिलिंग में मिला था एमबीबीएस कॉलेज में मिला था दाखिला
ऋतु के परिजनों को सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे नीट की तीसरे राउंड की काउंसिलिंग का परिणाम मिला था। इसमें उसे सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग (ईडब्ल्यूपीएच) कोटे के तहत एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। उसकी आंखों में परेशानी थी, जिसके चलते उसका दिव्यांगता प्रमाणपत्र बना था। इसके बावजूद वह मानसिक परेशानी से जूझ रही थी।
ऋतु के परिजनों को सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे नीट की तीसरे राउंड की काउंसिलिंग का परिणाम मिला था। इसमें उसे सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग (ईडब्ल्यूपीएच) कोटे के तहत एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। उसकी आंखों में परेशानी थी, जिसके चलते उसका दिव्यांगता प्रमाणपत्र बना था। इसके बावजूद वह मानसिक परेशानी से जूझ रही थी।
ऋतु ने वर्ष 2022 में प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) से हाईस्कूल और 2024 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उसने नीट की तैयारी शुरू की। वर्ष 2026 की परीक्षा में उसकी ऑल इंडिया रैंक 10,74,272 आई थी।
बेटी रातभर पढ़ती थी : देवराज
ऋतु के पिता देवराज शर्मा ने बताया कि वह रातभर अपने कमरे पढ़ाई करती थी और अगले दिन नींद पूरी कर दोपहर दो से ढाई बजे के बीच कमरे से बाहर आती थी। सोमवार को जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकली तो परिवार के लोगों ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। कमरे में ऋतु का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। कमरे से आठ पेज का सुसाइड नोट भी मिला।
ऋतु के पिता देवराज शर्मा ने बताया कि वह रातभर अपने कमरे पढ़ाई करती थी और अगले दिन नींद पूरी कर दोपहर दो से ढाई बजे के बीच कमरे से बाहर आती थी। सोमवार को जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकली तो परिवार के लोगों ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। कमरे में ऋतु का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। कमरे से आठ पेज का सुसाइड नोट भी मिला।
ऐसा क्यों किया तुमने ऋतु बोलकर बिलख पड़े पिता और भाई
झूंसी। ऋतु के पिता डॉ. देवराज शर्मा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल और राइफल है। ऋतु का जुड़वा भाई ऋषिराज देहरादून के एक कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। बहन के मौत की जानकारी उसे मिली तो वह बदहवास हो गया। मंगलवार की सुबह वह घर पहुंचा।
झूंसी। ऋतु के पिता डॉ. देवराज शर्मा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल और राइफल है। ऋतु का जुड़वा भाई ऋषिराज देहरादून के एक कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। बहन के मौत की जानकारी उसे मिली तो वह बदहवास हो गया। मंगलवार की सुबह वह घर पहुंचा।
पिता देवराज और बेटा ऋषिराज एक-दूसरे से गले लिपकर ऋतु को यादकर बिलखने लगे। पिता और भाई बार-बार यही कहे जा रहे थे कि आखिर ऋतु तुमने ऐसा क्यों किया। कोई तकलीफ थी तो बताया क्यों नहीं।
पिता देवराज ने बताया कि रविवार की रात बेटी ने हम दोनों के साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद वह गुड नाइट बोलकर अपने कमरे में चली गई। तब तक ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि बेटी अगले कुछ घंटों में इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठा लेगी।
वीडियोग्राफी के बीच हुआ पोस्टमार्टम, दारागंज घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच ऋतु के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार की दोपहर में हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। बाद में पिता देवराज, भाई ऋषिराज, चाचा और अन्य परिजनों ने ऋतु के शव का अंतिम संस्कार दारागंज घाट पर किया। उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस से सीधे दारागंज घाट ले जाया गया था।
डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच ऋतु के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार की दोपहर में हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। बाद में पिता देवराज, भाई ऋषिराज, चाचा और अन्य परिजनों ने ऋतु के शव का अंतिम संस्कार दारागंज घाट पर किया। उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस से सीधे दारागंज घाट ले जाया गया था।
रात को नीट छात्रा ने गोली मारकर की आत्महत्या, दोपहर में नीट काउंसलिंग में आवंटित हुई सीट
प्रयागराज के झूंसी के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी के गंगा सेक्टर में 18 वर्षीय नीट छात्रा ऋतु शर्मा ने कमरे में पिता की लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मारकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, नीट काउंसलिंग में दूसरे राउंड तक चयन न होने से वह निराश थी। उधर, सोमवार दोपहर जारी नीट काउंसलिंग के तीसरे राउंड की सूची में छात्रा को सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई। आशंका जताई जा रही है कि छात्रा ने रविवार रात को ही खुदकुशी कर ली थी।
प्रयागराज के झूंसी के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी के गंगा सेक्टर में 18 वर्षीय नीट छात्रा ऋतु शर्मा ने कमरे में पिता की लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मारकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, नीट काउंसलिंग में दूसरे राउंड तक चयन न होने से वह निराश थी। उधर, सोमवार दोपहर जारी नीट काउंसलिंग के तीसरे राउंड की सूची में छात्रा को सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई। आशंका जताई जा रही है कि छात्रा ने रविवार रात को ही खुदकुशी कर ली थी।
गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के अनुईपुर गांव निवासी रिटायर्ड इंजीनियर देवराज शर्मा ने करीब छह साल पहले त्रिवेणीपुरम के गंगा सेक्टर में मकान बनवाया था। भूतल पर शॉपिंग मॉल है। पहली मंजिल के दो फ्लैट को जोड़कर परिवार रहता है। उसके ऊपर की मंजिल में किरायेदार और भाई रहते हैं। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे देवराज शर्मा और उनकी पत्नी अमौती शर्मा घर में मौजूद थे। बेटी ऋतु अपने कमरे में थी। वह अक्सर देर रात तक पढ़ाई करती थी। दोपहर बाद ही कमरे से बाहर आती थी।
सोमवार को वह काफी देर तक बाहर नहीं निकली तो परिजनों को संदेह हुआ। इस पर देवराज ने घटना की जानकारी अपने अधिवक्ता भाई को दी। छात्रा के कमरे में लगी स्लाइडिंग वाली खिड़की खोली गई खून से लथपथ ऋतु का शव दिखा। मौके पर एसीपी झूंसी अरुण पाराशर और इंस्पेक्टर नरेश कुमार कश्यप भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फिर किसी तरीके से छात्रा के कमरे का दरवाजा खोला गया।
देवराज की लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की गई। छात्रा ने सिर की बाईं कनपटी पर गोली मारी थी। गोली बाई कनपटी से होते हुए दाहिने तरफ से निकल गई थी। आशंका है कि छात्रा ने रात को ही गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। मौत का सही समय और घटना के पीछे की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में मिला था दाखिला
ऋतु ने प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह नीट की तैयारी कर रही थी। इस बार उसकी ऑल इंडिया रैंक 10,74,272 आई थी। सोमवार को जारी यूपी नीट की तीसरे राउंड की काउंसलिंग में उसे ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग कोटे के तहत सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी।
ऋतु ने प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह नीट की तैयारी कर रही थी। इस बार उसकी ऑल इंडिया रैंक 10,74,272 आई थी। सोमवार को जारी यूपी नीट की तीसरे राउंड की काउंसलिंग में उसे ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग कोटे के तहत सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी।
एसीपी अरुण पाराशर ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में पता चला कि दो राउंड की काउंसलिंग में उसका चयन नहीं हो पाया था जिससे वह तनाव में थी। सोमवार को उसके इस आत्मघाती कदम से कुछ घंटे बाद आए परिणाम में उसका दाखिला सरकारी मेडिकल कॉलेज सोनभद्र में हो गया था।
पिता देवराज के पास हैं दो लाइसेंसी असलहे
ऋतु के पिता इंजीनियर देवराज शर्मा के पास .32 बोर की पिस्टल और .315 बोर की राइफल है। दोनों असलहों का ऑल इंडिया लाइसेंस गृह मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिला प्रशासन से जारी हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल बरामद की है।
ऋतु के पिता इंजीनियर देवराज शर्मा के पास .32 बोर की पिस्टल और .315 बोर की राइफल है। दोनों असलहों का ऑल इंडिया लाइसेंस गृह मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिला प्रशासन से जारी हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल बरामद की है।