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Prayagraj Nagar Nigam : कोई नया निर्माण नहीं, फिर भी बढ़ा दिया गृहकर, जीआईएस सर्वे सवालों के घेरे में

Mon, 29 Jul 2024 05:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 29 Jul 2024 05:16 PM IST
सार

पूर्व में नगर निगम की ओर से कराया गया जीआईएस सर्वे अब सवालों के घेरे में हैं। चौफटका स्थित अंबेडकर विहार बहुमंजिला आवासीय योजना में रहने वाले एजी ऑफिस से रिटायर्ड ऑडिट अफसर अनिल कुमार श्रीवास्तव के गृहकर का बिल पिछले साल के मुकाबले तीन गुना अधिक आया है।

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Prayagraj Nagar Nigam: No new construction, still house tax increased, GIS survey under question
प्रयागराज नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नगर निगम ने न तो गृहकर की दर में कोई बढ़ोतरी की और न ही जलसंस्थान ने स्लैब में कोई परिवर्तन किया, इसके बावजूद हजारों घरों का कर बढ़ गया। जिन मकानों में एक नई ईंट तक नहीं रखी गई, उनका मूल्यांकन भी नए सिरे से कर दिया गया। ऐसा करने से पहले लोगों को न तो नोटिस दिया गया और न ही कोई सूचना। हजारों शहरियों के हाथों में सीधे बढ़े हुए गृहकर, जलकर का बिल थमा दिया गया।
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पूर्व में नगर निगम की ओर से कराया गया जीआईएस सर्वे अब सवालों के घेरे में हैं। चौफटका स्थित अंबेडकर विहार बहुमंजिला आवासीय योजना में रहने वाले एजी ऑफिस से रिटायर्ड ऑडिट अफसर अनिल कुमार श्रीवास्तव के गृहकर का बिल पिछले साल के मुकाबले तीन गुना अधिक आया है। इसमें पिछले दो वर्षों का एरियर भी शामिल है, जबकि वह हर साल नियमित रूप से बिल जमा कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम के जोनल कार्यालय में संपर्क किया तो कोई राहत नहीं मिली, सो बढ़ा हुआ गृहकर ही जमा कर दिया।
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यह तो एक उदाहरण है, यही हालत जॉर्जटाउन, अल्लापुर, मम्फोर्डगंज, अशोक नगर स्थित कई अपार्टमेंट की है, जहां फ्लैट में किसी तरह का नया निर्माण संभव नहीं है, इसके बावजूद फ्लैट का मूल्यांकन बढ़ा दिया गया। मूल्यांकन के आधार ही गृहकर, जलकर और जलमूल्य वसूला जाता है, सो लोगों को अब बढ़े हुए गृहकर, जलकर और जलमूल्य का बिल जारी कर दिया गया है।
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इसमें भी तमाम विसंगतियां हैं। उदाहरण के तौर पर अगर एक अपार्टमेंट में थ्री-बीएचके के अगर 10 फ्लैट हैं तो सबका मूल्यांकन अलग-अलग है और इसी वजह से सभी फ्लैट का गृहकर, जलकर और जलमूल्य भी अलग-अलग बढ़ा हुआ जारी किया गया है। सवाल यह है कि जब सभी फ्लैट के क्षेत्रफल और बनावट एक जैसी है तो बिल अलग-अलग कैसे हो सकता है।

स्पष्ट है कि नगर निगम जिस जीआईएस सर्वे के आधार पर मकानों के नए सिरे से मूल्यांकन किए जाने का दावा कर रहा है, वह सर्वे ही हवा-हवाई है। अगर सर्वे गंभीरता और जिम्मेदारी से किया गया होता तो इतनी विसंगतियां ही न होतीं। इन विसंगतियों के कारण छोटे मकानों और अपार्टमेंट में रहने वाले मध्यम निम्न निम्न मध्यम वर्गीय परिवार के लोग अब अपनी जेब टटोलने को मजबूर हैं।

अगर सर्वे के बाद नगर निगम के कर विभाग के कर्मचारियों से इसका भौतिक सत्यापन कराया गया होता तो इन विसंगतियों से बचा जा सकता था और शहरियों को भी समस्या का सामना न करना पड़ता। गृहकर के बिल में 2022-23 और 2023-24 के बढ़े हुए गृहकर का एरियर भी शामिल कर लिया गया है। कुछ दिनों पहले तक जलकल विभाग भी इसी तरह बिल जारी कर रहा था लेकिन विरोध होने के बाद जल संस्थान ने पिछले दो वर्षों का एरियर तो छोड़ दिया लेकिन वर्ष 2024-25 के लिए जलमूल्य और जलकल अब भी बढ़े हुए मूल्यांकन के आधार पर ही वसूला जा रहा है।

31 जुलाई तक ही है गृहकर में छूट का प्रावधान

- नगर निगम ने 31 जुलाई तक ही गृहकर में 10 फीसदी की छूट की समय सीमा निर्धारित की है। गृहकर का बिल बढ़कर आने के कारण लोग संशोधन के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं। जिन लोगों का बिल 31 जुलाई के बाद संशोधित होगा, उन्हें गृहकर में 10 फीसदी छूट का फायदा भी नहीं मिल सकेगा।

जिन्होंने बढ़े मूल्यांकन के आधार पर गृहकर का बिल जारी किया गया है, उनके आवेदन के आधार पर बिल में संशोधन भी किया जा रहा है। ऐसे लोगों से स्वकर निर्धारण के तहत फाॅर्म भरवाकर बिल संशोधित किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी जोनों में व्यवस्था की गई है। नगर निगम मुख्यालय में अलग से नोडल राजस्व निरीक्षक की नियुक्ति की गई है, ताकि कोई अपनी समस्या लेकर मुख्यालय आता है तो मौके पर ही उससे आवेदन लेकर समस्या का समाधान कर दिया जाए। लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम की वेबसाइट पर पोर्टल भी लॉन्च किया गया है। - ’ पीके द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम

‘गृहकर की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। तकनीकी कारणों से जिन लोगों का गृहकर बढ़ गया है, उनके आवेदन पर समस्या का समाधान तीन दिनों के भीतर किया जा रहा है। जहां तक गृहकर में छूट दिए जाने की बात है तो जरूरत पड़ने पर इसकी समय सीमा बढ़ाई जाएगी।’ - गणेश केसरवानी, महापौर

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