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Prayagraj Flood : बाढ़ से मुश्किल हुई अंतिम सफर की डगर, विद्युत शवदाह गृह भी दे गया जवाब

Wed, 06 Aug 2025 04:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 06 Aug 2025 04:12 PM IST
सार

बाढ़ की वजह से अंतिम संस्कार की डगर भी कठिन हो गई है। इस पर से प्रशासन एवं नगर निगम की अव्यवस्था ने अपनों को खोने से गमगीन परिवारों का दर्द और बढ़ा दिया है। समस्या है कि अंतिम संस्कार के लिए घाटों पर किसी तरह के इंतजाम नहीं है।

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Prayagraj Flood flood made the last journey difficult, even the electric crematorium gave up
दारागंज घाट पर बाढ़ का पानी भरा होने के कारण ऊपर सड़क शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बाढ़ की वजह से अंतिम संस्कार की डगर भी कठिन हो गई है। इस पर से प्रशासन एवं नगर निगम की अव्यवस्था ने अपनों को खोने से गमगीन परिवारों का दर्द और बढ़ा दिया है। समस्या है कि अंतिम संस्कार के लिए घाटों पर किसी तरह के इंतजाम नहीं है। बीते रोज अत्यधिक दबाव के कारण दारागंज विद्युत शवदाह गृह भी जवाब दे गया।

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चंद्रशेखर आजाद (रसूलाबाद) श्मशान घाट पूरी तरह से बाढ़ में डूब गया है और वहां अंत्येष्टि नहीं हो पा रही। दारागंज घाट भी डूब गया और लोग अव्यवस्था के बीच बांध पर अंतिम संस्कार के लिए मजबूर हैं। छतनाग समेत अन्य कई श्मशान घाट भी पानी से लबालब हैं। इससे अंतिम संस्कार को लेकर समस्या बढ़ गई है। इन परिस्थितियों के बीच दारागंज स्थित नगर निगम का विद्युत शवदाह गृह भी मंगलवार को चालू नहीं हो सका। कारण कि अत्यधिक दबाव के कारण सोमवार को विद्युत शवदाह गृह का पैनल ही जल गया और वहां अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को भटकना पड़ा। अब अफसरों का दावा है कि बुधवार से वह चालू हो जाएगा।

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नगर निगम के मुख्य अभियंता विद्युत संजय कटियार ने बताया कि विद्युत शवदाह गृह पर इन दिनों दबाव बढ़ गया है। आम तौर पर उससे रोजाना 20 से 22 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है लेकिन सोमवार को 40 शवों की अंत्येष्टि हुई। इसकी वजह से क्वाॅयल गर्म होकर जल गया। इसकी वजह से मंगलवार को बंद रखा गया। अब पैनल ठीक कर लिया गया है और बुधवार से विद्युत शवदाह गृह में अंत्येष्टि की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि शंकरघाट एवं फाफामऊ स्थित विद्युत शवदाह गृह चालू हैं और उनमें अंत्येष्टि की जा रही है।
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अंतिम संस्कार के लिए निगम ने की वैकल्पिक व्यवस्था

चंद्रशेखर आजाद, छतनाग समेत ज्यादातर श्मशान घाट बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और वहां अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहे। इसे देखते हुए नगर निगम की ओर से बुधवार से अंत्येष्टि के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव ने बताया कि झूंसी व आसपास तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोक छतनाग घाट पर अंत्येष्टि के लिए आते हैं। इसे देखते हुए नीबी में अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत से बात हो गई है। बुधवार को सुबह ही बिजली, लकड़ी समेत सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि दारागंज श्मशान घाट पर भी लोग बांध पर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। इसे देखते हुए वहां भी पानी के टैंकर, लाइट आदि की व्यवस्था की जाएगी। नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने बताया कि फाफामऊ में भी एक अन्य घाट की व्यवस्था की गई है जहां अंतिम संस्कार किया जा सकेगा।

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