प्रयागराज : बाहुबली विधायक विजय मिश्र की तीन कंपनियों पर ईडी की नजर
बाहुबली विधायक विजय मिश्र मौजूदा समय में आगरा जेल में तैनात है। भदोही में मुकदमा दर्ज होने केबाद वह फरार हो गया था और लंबे समय बाद उसने मप्र में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद नैनी जेल लाया गया जहां से उसे कुछ दिनों बाद ही आगरा जेल भेज दिया गया था।
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ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्र की तीन कंपनियां प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के रडार पर हैं। उस पर दर्ज मनी लांड्रिंग के केस की जांच में जुटी टीम को इन तीन कंपनियों की जानकारी मिली है। इनमें से दो कंपनियां रियल इस्टेट और एक कंपनी आभूषणों के व्यापार से संबंधित है। इसमें उसकी पत्नी व अन्य परिजन डायरेक्टर हैं। कंपनियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद ईडी की टीम अब पत्नी समेत अन्य से पूछताछ की तैयारी में है।
बाहुबली विधायक विजय मिश्र मौजूदा समय में आगरा जेल में तैनात है। भदोही में मुकदमा दर्ज होने केबाद वह फरार हो गया था और लंबे समय बाद उसने मप्र में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद नैनी जेल लाया गया जहां से उसे कुछ दिनों बाद ही आगरा जेल भेज दिया गया था। ईडी की टीम ने पिछले साल फरवरी में उसके खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। जिसके बाद उसकी अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू की गई। ईडी ने पिछले दिनों आगरा जेल में जाकर विजय मिश्र से पूछताछ भी की थी। साथ ही उनकेसमधी को भी बुलाकर पूछताछ की।
कंपनियों की डायरेक्टर हैं रामलली
सूत्रों का कहना है कि जांच में जुटी ईडी की टीम को उसकी तीन कंपनियों का पता चला है। इनमें उसकी पत्नी एमएलसी रामलली के अलावा बेटा व बेटी भी डायरेक्टर हैं। इनमें से दो कंपनियां रियल इस्टेट और एक कंपनी गहनों के व्यापार से संबंधित हैं। गहनों के व्यापार से संबंधित कंपनी लालिमा ज्वैलर्स के नाम से है जिसकी डायरेक्टर बाहुबली विधायक की पत्नी है। इसी तरह रियल इस्टेट कंपनियों के डायरेक्टर उसके अन्य परिजन हैं। ईडी की टीम अब उनसे पूछताछ की तैयारी में है। उन्हें समन जारी किया जा सकता है।
खातों पर भी नजर, जुटाई जा रही जानकारी
सूत्रों का कहना है कि ईडी की टीम की नजह विधायक के कई करीबियों पर भी है। यह उस्केरियल इस्टेट के व्यापार से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हैं। उन्हें भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए उन्हें समन जारी किया जा सकता है। इसके अलावा विधायक व उनकेपरिजनों के खातों पर भी ईडी की नजर है। इन खातों के बारे में गोपनीय रूप से जानकारी जुटाई जा रही है।