कुंभ से देश को मिलेगा सियासी संदेश, धार्मिक क्षेत्र में पहली बार होगी योगी कैबिनेट की बैठक
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दिव्य, भव्य, सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ कुंभ जैसे स्लोगन और देश-विदेश में कुंभ की ब्रांडिंग के साथ मंगलवार को संगम की रेती पर होने जा रही योगी सरकार की कैबिनेट बैठक पर पूरे देश की नजर है। युवाओं, किसानों को लुभाने के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और कुंभ के बाद भी हमेशा के लिए सनातन धर्मियों के लिए अक्षयवट दर्शन सुलभ कराने का एजेंडा इस कैबिनेट की बैठक में मंथन का हिस्सा बन सकता है। फिलहाल इस पर पूरे देश की नजर है।
देश में पहली बार किसी धार्मिक आयोजन में हो रही कैबिनेट बैठक के निर्णय चौंकने वाले हो सकते हैं। इन निर्णयों से 29 फरवरी की तारीख गवाह बनेगी और माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में इसका साफ असर दिखेगा।
कुंभ क्षेत्र में इतिहास बनाने जा रही योगी सरकार की कैबिनेट बैठक विपक्षी दलों के लिए पहेली बनी है। सभी अपने-अपने स्तर से इसकी रेकी कर बयानबाजी करना चाह रहे हैं, लेकिन बात बन नहीं रही है। वहीं राजनीत की चौरस पर सधी बाजी खेलने वाले और साधु-संतों के बीच अपने चोले और व्यवहार से लोकप्रिय सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुंभ में कैबिनेट बैठक का निर्णय लेकर पहले तो सभी दलों को चौंकाया। ठीक लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के लिए यह बैठक बेचैनी का कारण बनी है।
कुंभ मेला क्षेत्र में राम मंदिर निर्माण की गूंज, शंकराचार्य स्वरूपानंद के साथ विहिप की धर्मसंसद, संत सम्मेलन का आयोजन कुंभ के माहौल में सियासत की गर्मी भर रहा है। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित अयोध्या मेंं राम मंदिर निर्माण के अध्याधेश पर निर्णय लिए जाने की चर्चा जोरों पर है।
सियासी जानकार बताते हैं कि योगी सरकार कैबिनेट की बैठक में तेलंगाना सरकार की तर्ज पर किसानों का कर्ज माफ करने का फार्मूला लागू कर सकती है। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा के मुताबिक ढाई एकड़ के काश्तकारों को निश्चित रकम देने का भी एलान यूपी कैबिनेट की बैठक कर सकती है।
कुंभ के मौके पर पीएम मोदी ने मूल अक्षयवट आम जनता के दर्शनार्थ खुलवाया। अब कुंभ आयोजन की वाहवाही के बीच उत्तर प्रदेश सरकार देश के करोड़ों सनातन धर्मियों, साधु-संतों को लुभाने के लिए संगम तीरे हो रही बैठक में 450 वर्ष बाद अकबर के किले में मूल अक्षयवट, सरस्वती कूप को हमेशा दर्शन के लिए खोलने का प्रस्ताव या निर्णय लिया जा सकता है।
कैबिनेट बैठक के निर्णय कुछ घंटे बाद सार्वजनिक होंगे लेकिन तय है कि योगी सरकार कुंभ के साथ अपने कुछ अहम निर्णयों से वोटों को साधने का काम करने से चूकने की भूल नहीं करेगी। कैबिनेट के निर्णयों के दूरगामी सिसायी परिणाम हो सकते हैं।