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कातिलों की तलाश में पुलिस टीम जौनपुर पहुंची
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Police team arrives in Jaunpur looking for murderers
एक हमलावर गिरफ्त में, फिर भी खुलासे से दूर
पुलिस की कहानी पर उठने लगे सवाल, अन्य बदमाश भी फरार
अब तक हत्या की वजह बता पाने की स्थिति में नहीं अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मऊआइमा में बैंक मैनेजर अनिल कुमार दोहरे हत्याकांड में एक बदमाश की गिरफ्तारी के चार दिन बाद भी पुलिस खुलासे से दूर है। ऐसे में अब उसकी कहानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। अफसर अब भी हत्या की वजह तक बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। उधर ठेेका लेनेे वाले दिलबहार तो छोड़िए, हत्या में शामिल अन्य बदमाशों का भी सुराग नहीं हासिल किया जा सका है।
अनिल कुमार दोहरे हत्याकांड में रेकी करने वाले इश्तियाक की गिरफ्तारी के चार दिन बाद भी पुलिस के पास बताने को कुछ नहीं है। पुलिस जिस दिलबहार को ठेका लेकर हत्या कराने वाला बता रही है, उसे तो छोड़िए, हत्या में शामिल मुजीब, तफसीर व नुरुल का भी पता नहीं हासिल किया जा सका है। ऐसे में अब पुलिस की कहानीपर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। उधर आरोपियों के दोस्तों और घर वालों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को कुछ सुराग लगा तो एक टीम जौनपुर में दबिश देने गई है। प्रतापगढ़ में पहले ही टीमें लगी हुई हैं। इस कांड में प्रतापगढ़ और कौशांबी पुलिस की भी मदद ली जा रही है। दिलबहार की सीडीआर निकाली गई है। क्राइम ब्रांच और मऊआइमा पुलिस की एक टीम ने कई नंबरों को संदिग्ध मानते हुए शार्टलिस्ट किया है। हत्याकांड में सबसे ज्यादा शक के घेरे में आए साथी बैंककर्मी और मकान मालिक के भाई अनवार के नंबरों की भी डीटेल्स निकालकर जांच शुरू कर दी गई है। अनवार का एक बार बैंक के अंदर ही अनिल कुमार दोहरे से झगड़ा हुआ था। नौबत हाथापाई की आ गई थी। वह घटना के बाद फरार भी है। घर वाले उसके बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं। इस कारण वह भी शक के दायरे में आ गया है। उसकी पूरी जानकारी इकट्ठी की जा रही है। पता चला है कि जिस लोन को लेकर उसका विवाद बैंक मैनेजर से हुआ था। बैंक से उसकी भी डीटेल्स मंगाई गई है। आज भी बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ होती रही।
--अनिल दोहरे की हत्या में आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। काल डीटेल्स रिकार्ड को भी देखा जा रहा है। कई लोगों से पूछताछ हो रही है। उनकी जानकारी के आधार पर आरोपियों को खोजा जा रहा है। अमित श्रीवास्तव, सीओ सोरांव
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पुलिस की कहानी पर उठने लगे सवाल, अन्य बदमाश भी फरार
अब तक हत्या की वजह बता पाने की स्थिति में नहीं अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मऊआइमा में बैंक मैनेजर अनिल कुमार दोहरे हत्याकांड में एक बदमाश की गिरफ्तारी के चार दिन बाद भी पुलिस खुलासे से दूर है। ऐसे में अब उसकी कहानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। अफसर अब भी हत्या की वजह तक बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। उधर ठेेका लेनेे वाले दिलबहार तो छोड़िए, हत्या में शामिल अन्य बदमाशों का भी सुराग नहीं हासिल किया जा सका है।
अनिल कुमार दोहरे हत्याकांड में रेकी करने वाले इश्तियाक की गिरफ्तारी के चार दिन बाद भी पुलिस के पास बताने को कुछ नहीं है। पुलिस जिस दिलबहार को ठेका लेकर हत्या कराने वाला बता रही है, उसे तो छोड़िए, हत्या में शामिल मुजीब, तफसीर व नुरुल का भी पता नहीं हासिल किया जा सका है। ऐसे में अब पुलिस की कहानीपर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। उधर आरोपियों के दोस्तों और घर वालों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को कुछ सुराग लगा तो एक टीम जौनपुर में दबिश देने गई है। प्रतापगढ़ में पहले ही टीमें लगी हुई हैं। इस कांड में प्रतापगढ़ और कौशांबी पुलिस की भी मदद ली जा रही है। दिलबहार की सीडीआर निकाली गई है। क्राइम ब्रांच और मऊआइमा पुलिस की एक टीम ने कई नंबरों को संदिग्ध मानते हुए शार्टलिस्ट किया है। हत्याकांड में सबसे ज्यादा शक के घेरे में आए साथी बैंककर्मी और मकान मालिक के भाई अनवार के नंबरों की भी डीटेल्स निकालकर जांच शुरू कर दी गई है। अनवार का एक बार बैंक के अंदर ही अनिल कुमार दोहरे से झगड़ा हुआ था। नौबत हाथापाई की आ गई थी। वह घटना के बाद फरार भी है। घर वाले उसके बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं। इस कारण वह भी शक के दायरे में आ गया है। उसकी पूरी जानकारी इकट्ठी की जा रही है। पता चला है कि जिस लोन को लेकर उसका विवाद बैंक मैनेजर से हुआ था। बैंक से उसकी भी डीटेल्स मंगाई गई है। आज भी बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ होती रही।
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--अनिल दोहरे की हत्या में आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। काल डीटेल्स रिकार्ड को भी देखा जा रहा है। कई लोगों से पूछताछ हो रही है। उनकी जानकारी के आधार पर आरोपियों को खोजा जा रहा है। अमित श्रीवास्तव, सीओ सोरांव
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