प्रयागराज : पुलिस ने बंद लिफाफे में आख्या प्रस्तुत कर कहा- बाल संरक्षण गृह में हैं अतीक के दोनों बच्चे
जिला न्यायालय में सोमवार को तिहरे हत्याकांड मामलें में शाइस्ता परवीन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। इस दौरान धूमनगंज थाना प्रभारी द्वारा अदालत के समक्ष पुन: लिखित आख्या पेश की गई।
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जिला न्यायालय में सोमवार को तिहरे हत्याकांड मामलें में शाइस्ता परवीन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। इस दौरान धूमनगंज थाना प्रभारी द्वारा अदालत के समक्ष पुन: लिखित आख्या पेश की गई। जिसमें यह कहा गया कि आवेदिका उक्त मामले में 25 हजार रुपये की इनामी अभियुक्त हैं और माफिया परिवार की है, ऐसी दशा में उसकी भी दुश्मनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस कारण आवेदिका द्वारा दाखिल अर्जी के संदर्भ में लिखित आख्या को गोपनीय रखते हुए एक बंद लिफाफे में प्रेषित की जा रही है।
यह भी कहा कि आवेदिका के दोनों पुत्र बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराए गए हैं। पुलिस की इस आख्या पर शाइस्ता परवीन के अधिवक्ता विजय मिश्रा एवं मनीष खन्ना ने उक्त आख्या पर आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि इतना जरूर से बता दें कि आवेदिका के दोनों पुत्र किस जिले में दाखिल कराए गए हैं। आख्या के बिंदु पर आवेदिका के अधिवक्ता द्वारा आपत्ति को देखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश चंद्र गौतम की अदालत ने दिनांक 15 मार्च को सुनवाई की तिथि नियत की है।
उमेश पाल अपहरण मामले में सुनवाई टली
जिला न्यायालय में सोमवार को उमेश पाल अपहरण मामले में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत होने के कारण विशेष न्यायालय एमपीएमएलए में सुनवाई नही की जा सकी। उपरोक्त मामले में नामजद दो अन्य आरोपित जावेद एवं आबिद की ओर से उनके अधिवक्ता ने बहस पूरी कर दी है। जबकि, शेष अन्य आरोपितों की बहस उनके अधिवक्ता द्वारा अभी तक पूरी नही हुई है। अब इस मामले में 14 मार्च को सुनवाई होगी।